तमिलनाडु में आर्थिक सुधारों की सुगबुगाहट; जानें मुख्यमंत्री विजय ने क्यों बुलाई हाई-प्रोफाइल बैठक
तमिलनाडु सीएम विजय ने पिछली सरकार पर 10 लाख करोड़ के कर्ज का आरोप लगाते हुए वित्तीय समीक्षा बैठक की। अब 2021-2026 के खर्चों पर जारी होगा 'श्वेत पत्र'।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य की वित्तीय स्थिति की समीक्षा बैठक करते हुए।
CM Vijay TVK finance review Chennai : दक्षिण भारत की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करने वाले पूर्व सुपरस्टार और वर्तमान मुख्यमंत्री विजय ने गुरुवार को चेन्नई स्थित राज्य सचिवालय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च-स्तरीय वित्तीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। 23 अप्रैल के चुनावों में अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) को 108 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दिलाने के बाद, मुख्यमंत्री विजय अब राज्य की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कड़े कदम उठाते नजर आ रहे हैं। बैठक की शुरुआत में ही उन्होंने पिछली द्रमुक (DMK) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती शासन ने राज्य को लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के भारी कर्ज में धकेल दिया है और खजाना पूरी तरह खाली कर दिया है। मुख्यमंत्री का यह कड़ा रुख संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु की वित्तीय नीतियों में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उनकी सरकार वर्ष 2021 से 2026 तक की वित्तीय अवधि पर एक विस्तृत 'श्वेत पत्र' (White Paper) जारी करेगी। यह दस्तावेज न केवल राज्य की वर्तमान आर्थिक स्थिति को जनता के सामने रखेगा, बल्कि उन वित्तीय विसंगतियों का भी पर्दाफाश करेगा जो कथित तौर पर पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान हुईं। वर्तमान में तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था भारत के कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 9.4 प्रतिशत की मजबूत हिस्सेदारी रखती है और राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 31.19 लाख करोड़ रुपये के प्रभावशाली स्तर पर है। हालांकि, उच्च प्रति व्यक्ति आय और औद्योगिक प्रगति के बावजूद, लगभग 9.5 से 10 लाख करोड़ रुपये की देनदारियों ने शासन के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।
प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं पर चर्चा करते हुए बैठक में इस बात पर भी मंथन किया गया कि सरकार द्वारा किए गए चुनावी वादों, जैसे कि मुफ्त बिजली इकाइयों की घोषणा, को मौजूदा ऋण भार के बीच कैसे लागू किया जाए। वित्तीय विशेषज्ञों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और जवाबदेही उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सरकार की योजना एक ऐसा संतुलित मॉडल तैयार करने की है जिससे विकास की गति भी न रुके और जनता पर अतिरिक्त करों का बोझ भी न पड़े। मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई यह समीक्षा बैठक केवल एक रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक राजनीतिक घोषणापत्र है जो यह स्पष्ट करता है कि विजय की सरकार राज्य की आर्थिक संप्रभुता को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
