तमिलनाडु में CM विजय का बड़ा राजनीतिक धमाका; कैबिनेट में कांग्रेस की हुई एंट्री
तमिलनाडु के CM विजय का बड़ा राजनीतिक कदम; कैबिनेट फेरबदल में 23 नए मंत्री शामिल, 59 साल बाद कांग्रेस की सरकार में वापसी, पी. विश्वनाथन बने शिक्षा मंत्री।

तमिलनाडु में नई सरकार के गठन और कैबिनेट विस्तार के नीतिगत घटनाक्रम के बीच हाथ जोड़कर अभिवादन करते मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (बाएं) और कांग्रेस नेता राहुल गांधी (दाएं)।
Tamil Nadu cabinet expansion 2026 : तमिलनाडु की नवगठित सरकार के प्रशासनिक गलियारों और देश की सियासत में उस समय एक अभूतपूर्व भूचाल आ गया, जब अभिनेता से पूर्णकालिक राजनेता बने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी सरकार के गठन के कुछ ही दिनों के भीतर राज्य मंत्रिमंडल में एक अत्यंत व्यापक, आक्रामक और ऐतिहासिक फेरबदल की आधिकारिक सिफारिश कर दी। मुख्यमंत्री विजय द्वारा तैयार किए गए इस नए और रणनीतिक कैबिनेट ब्लूप्रिंट को राजभवन में राज्यपाल की ओर से त्वरित और वैधानिक मंजूरी भी मिल गई है। इस बड़े फेरबदल के तहत जहां कई मौजूदा वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों को पूरी तरह से रीस्ट्रक्चर किया गया है, वहीं मंत्रिपरिषद में एक साथ 23 नए चेहरों को शामिल कर उन्हें महत्वपूर्ण मंत्रालयों की कमान सौंपी गई है। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम का सबसे सनसनीखेज और दूरगामी पहलू यह है कि मुख्यमंत्री विजय ने एक बड़ा गठबंधन धर्म निभाते हुए अपनी कैबिनेट में कांग्रेस को भी अहम हिस्सेदारी दी है, जिसके चलते पूरे 59 सालों के लंबे राजनीतिक वनवास के बाद आखिरकार कांग्रेस पार्टी तमिलनाडु की मुख्य सत्ता और सचिवालय में सीधे तौर पर भागीदार बनकर उभरी है।
इस वृहद प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने शासन व्यवस्था पर अपनी कड़क और सीधी पकड़ बनाए रखने के लिए राज्य के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभागों को पूरी तरह से अपने पास सुरक्षित रखा है। लोक भवन से जारी आधिकारिक संदर्शिका के अनुसार, मुख्यमंत्री अब राज्य के लोक प्रशासन, सबसे महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय, पुलिस प्रशासन, विशेष कार्यक्रम क्रियान्वयन, नगर प्रशासन तथा शहरी विकास जैसे हाई-प्रोफाइल विभागों की कमान सीधे संभालेंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य के गरीब तबके को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले कुछ और कल्याणकारी विभागों जैसे विशेष पहल, गरीबी उन्मूलन और ग्रामीण ऋण राहत जैसे रणनीतिक मंत्रालयों की अतिरिक्त और सीधी जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री ने अपने कंधों पर ली है, जो यह स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री राज्य के बुनियादी और वित्तीय ढांचे को नौकरशाही के भरोसे छोड़ने के बजाय खुद सीधे नियंत्रित करने की ठोस कूटनीति पर काम कर रहे हैं।
प्रशासन को नई गति देने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल के पुराने सदस्यों के विभागों में भी बहुत बड़े और चौंकाने वाले फेरबदल किए गए हैं। वरिष्ठ मंत्री एन. आनंद के कार्यक्षेत्र का दायरा काफी व्यापक करते हुए अब उनके अधीन ग्रामीण विकास, पंचायत राज, सिंचाई और लघु सिंचाई परियोजनाओं जैसे ग्रामीण भारत की रीढ़ माने जाने वाले भारी-भरकम विभागों को सौंप दिया गया है। इसके विपरीत, मजबूत पकड़ रखने वाले मंत्री आर. निर्मलकुमार पहले की तरह बिजली मंत्रालय, गैर-पारंपरिक ऊर्जा, कानून, न्यायालय, जेल, प्रांतीय चुनाव और संवेदनशील पासपोर्ट से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार पूरी मुस्तैदी से संभालते रहेंगे। एक और बेहद चौंकाने वाले और बड़े नीतिगत बदलाव के तहत के. ए. सेंगोत्तैयन को राज्य के सबसे संवेदनशील राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी दी गई है, जिसके तहत वे अब पूरे राज्य के राजस्व प्रशासन, उप-कलेक्टरों से जुड़े प्रशासनिक कार्यों, आपदा प्रबंधन इकाइयों और विधानसभा मामलों की कंबाइंड देखरेख करेंगे।
राज्यपाल की आधिकारिक सील और मंजूरी के बाद जो 23 नए मंत्री इस मंत्रिपरिषद का हिस्सा बने हैं, उन्हें भी उनकी योग्यता और क्षेत्रीय संतुलन के आधार पर विभागों का तत्काल आवंटन कर दिया गया है। नए चेहरों में श्रीनाथ को राज्य की विशाल तटीय अर्थव्यवस्था को देखते हुए मत्स्य पालन मंत्रालय, कमाली एस. को पशुपालन, सी. विजयलक्ष्मी को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में दुग्ध और डेयरी विकास तथा आर. वी. रंजीतकुमार को वन विभाग की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसानों को सीधा संदेश देते हुए विनोद को कृषि और किसान कल्याण विभाग का नया नेतृत्व दिया गया है, जबकि वैश्विक जलवायु संकट से निपटने के लिए युवा नेता राजीव को पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग का स्वतंत्र प्रभार मिला है। अन्य नए मंत्रियों में बी. राजकुमार को आवास और शहरी विकास, वी. गांधीराज को सहकारिता, मथन राजा पी. को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विभाग, जगदीश्वरी के. को समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण तथा एम. विजय बालाजी को राज्य के पारंपरिक हथकरघा और वस्त्र मंत्रालय का दायित्व दिया गया है।
इस पूरे मेगा कैबिनेट विस्तार का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक कांग्रेस विधायकों को महत्वपूर्ण मंत्रालय सौंपना रहा, जिसने तमिलनाडु की राजनीति के पुराने पन्नों को पूरी तरह से पलट कर रख दिया है। मुख्यमंत्री विजय की सिफारिश पर कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक राजेश कुमार एस. को राज्य की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाला बेहद महत्वपूर्ण पर्यटन विभाग सौंपा गया है, जबकि एक और बड़े और चौंकाने वाले फैसले के तहत कांग्रेस के ही कद्दावर विधायक पी. विश्वनाथन को राज्य का सबसे प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा विभाग सौंप दिया गया है। इसके अतिरिक्त, तकनीकी मोर्चे पर एक बहुत बड़ा और आधुनिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा विभाग' (Department of Artificial Intelligence and IT) नाम से एक पूरी तरह नया मंत्रालय गठित किया है, जिसकी कमान कुमार आर. को सौंपी गई है। अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों में लोगेश तमिलसेल्वन डी. को वाणिज्यिक कर और पंजीकरण, विजय तमिलन पार्थिबन ए. को परिवहन, रमेश को हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग, थेन्नारासु के. को अनिवासी तमिल कल्याण, वी. संपत कुमार को पिछड़ा वर्ग कल्याण, मोहम्मद फरवास जे. को श्रम कल्याण और कौशल विकास, एन. मैरी विल्सन को सबसे अहम वित्त, योजना और विकास विभाग, विघ्नेश के. को निषेध और आबकारी तथा डी. सरथकुमार को मानव संसाधन प्रबंधन विभाग की कमान दी गई है।
वैधानिक और संवैधानिक नियमों के तहत, इस विशाल मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पूरी तरह से लागू किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री विजय का यह फैसला केवल एक सामान्य प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि आगामी लोकसभा और स्थानीय चुनावों को ध्यान में रखकर बुना गया एक अभूतपूर्व सामाजिक और राजनीतिक ताना-बाना है, जिसमें समाज के हर वर्ग और गठबंधन सहयोगियों को बराबर का सम्मान दिया गया है। सरकार के गठन के तुरंत बाद किया गया यह त्वरित और भारी-भरकम फेरबदल स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री तमिलनाडु के विकास मॉडल को पूरी तरह से बदलने और प्रशासनिक सुस्ती को पूरी तरह खत्म करने के प्रति कितने गंभीर हैं। मंत्रियों का यह नया और युवा दस्ता यदि जमीनी स्तर पर नीतियों को पारदर्शी तरीके से लागू करने में सफल रहता है, तो निश्चित रूप से दक्षिण भारत की इस बेहद अहम और शक्तिशाली राज्य की राजनीति और विकास की दिशा आने वाले दशकों के लिए हमेशा के लिए बदल जाएगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
