शुभेंदु अधिकारी के राजतिलक; शामिल होने वाले प्रमुख हस्तियों मे है इनके नाम
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, टीएमसी का 15 साल का शासन समाप्त होगा।

फूलों की माला पहने हुए शुभेंदु अधिकारी कोलकाता में समर्थकों के बीच मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले।
Suvendu Adhikari oath ceremony Bengal : पश्चिम बंगाल की राजनीतिक धरा पर आज एक ऐसा सूरज उगने जा रहा है, जिसने दशकों के समीकरणों को ध्वस्त कर दिया है। कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड आज एक ऐसे क्षण का गवाह बनने जा रहा है, जिसे 'सोनार बांग्ला' के पुनरुत्थान के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल में अपनी पहली सरकार के गठन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विधायक दल के नेता के रूप में चयनित शुभेंदु अधिकारी शनिवार, 9 मई की सुबह 10 बजे पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रचेंगे। इसी के साथ राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों से चले आ रहे वर्चस्व का औपचारिक रूप से समापन हो जाएगा और सत्ता की चाबी आधिकारिक तौर पर भाजपा के हाथों में सौंप दी जाएगी।
इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह को अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक जमावड़ा माना जा रहा है। ब्रिगेड परेड ग्राउंड की विशालता को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। आयोजन की गरिमा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भाजपा ने लगभग एक हजार वीवीआईपी और नौ हजार गणमान्य अतिथियों को औपचारिक निमंत्रण भेजा है। इस महा-आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शिरकत करने पहुंच रहे हैं। राष्ट्रीय राजनीति के इन दिग्गजों की मौजूदगी न केवल शुभेंदु अधिकारी के कद को रेखांकित करती है, बल्कि बंगाल को लेकर केंद्र की भविष्य की प्राथमिकताओं का भी संकेत देती है।
समारोह की विशिष्टता इसके अतिथि चयन में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। पार्टी ने इस बार राजनीति की सीमाओं को लांघते हुए बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक और औद्योगिक विरासत को जोड़ने का प्रयास किया है। अतिथियों की सूची में उद्योग जगत के प्रमुख नाम जैसे संजय बुधिया और सज्जन भंजका शामिल हैं, जो राज्य के आर्थिक विकास के नए रोडमैप का हिस्सा बन सकते हैं। वहीं, कला और संस्कृति के क्षेत्र से विख्यात नृत्यांगना और अभिनेत्री ममता शंकर सहित कई लेखकों, कलाकारों और फिल्मी हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। न्यायपालिका के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कई वर्तमान और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को भी इस गरिमामय पल का साक्षी बनने का अवसर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बंगाल के प्रतिष्ठित और अनुभवी राजनेताओं के परिवारों को शामिल कर भाजपा ने राज्य की परंपराओं के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की है।
मैदान की व्यवस्थाओं पर नजर डालें तो वहां 50 हजार से अधिक कुर्सियां लगाई गई हैं, जो समर्थकों के भारी हुजूम की संभावना को दर्शाती हैं। सुरक्षा के लिहाज से करीब चार हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और सुगम आवाजाही के लिए 20 अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। कोलकाता पुलिस ने इस वीवीआईपी आवाजाही को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, जिसके तहत कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, सुबह 10 बजे समारोह का आगाज़ होगा और शपथ ग्रहण के तुरंत बाद भाजपा की नई कैबिनेट के गठन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। यह समारोह केवल एक सरकार का शपथ ग्रहण नहीं है, बल्कि बंगाल की प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा में एक युगांतकारी परिवर्तन का उद्घोष है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
