पश्चिम बंगाल विधानसभा में सुवेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का ऐलान किया है, जिसे लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है।

तस्वीर में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (बाएं) और विधायक हुमायूं कबीर (दाएं) दिखाई दे रहे हैं।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को विधानसभा में 'पश्चिम बंगाल लोक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026' पेश करते हुए आम जनता उन्नयन पार्टी के विधायक हुमायूं कबीर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का ऐलान किया। सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की भड़काऊ बयानबाजी को बर्दाश्त नहीं करेगी और पश्चिम बंगाल में कानून का शासन सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने कबीर पर निशाना साधते हुए कहा, "अब बहुत हुआ। अब हुमायूं कबीर जैसे लोगों को सबक सिखाने का समय आ गया है।"
विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री नहीं हैं, इसलिए पुरानी मनमानी अब नहीं चलेगी। उन्होंने सदन को सूचित किया कि हुमायूं कबीर के विरुद्ध रेजीनगर और शक्तिपुर पुलिस थानों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज कर लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कबीर की टिप्पणियां पूरी तरह से राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं, जिनका उद्देश्य आगामी उपचुनावों में अपने बेटे की जीत सुनिश्चित करने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र में समर्थन जुटाना है।
यह सारा विवाद मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में एक हालिया सार्वजनिक बैठक के दौरान शुरू हुआ, जहां हुमायूं कबीर ने स्थानीय भाजपा नेताओं, विशेष रूप से पराजित उम्मीदवार अनामिका घोष को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कबीर को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि भाजपा नेता ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे वे अभी भी निर्वाचित प्रतिनिधि हों। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "मैंने सुवेंदु अधिकारी से कहा था कि चुनाव जीतना ठीक है, लेकिन मुर्शिदाबाद में अपनी पार्टी के लोगों को 'ब्लस्टर' (बड़बोलेपन) कम करने के लिए कहें। जिस दिन मैं मुसलमानों को लामबंद करके मैदान में उतरूंगा, उस दिन मैं इतनी जोरदार जवाबी कार्रवाई करूंगा कि वहां आपकी पार्टी का झंडा उठाने वाला भी कोई नहीं बचेगा।"
इन आरोपों का खंडन करते हुए हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री के खिलाफ किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि वे गिरफ्तारी से डरते नहीं हैं और यदि सरकार को आवश्यक लगता है, तो वह कार्रवाई कर सकती है। विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कबीर ने कहा कि मुख्यमंत्री सदन में बोलने के लिए स्वतंत्र हैं और वे उनके बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

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