West Bengal portfolio allocation 2026 : पश्चिम बंगाल की राजनीतिक बिसात पर एक नए अध्याय का उदय हो गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने कार्यभार संभालते ही अपने तेवर साफ कर दिए हैं। सत्ता के गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, राज्य में संभावित पोर्टफोलियो का बंटवारा कर दिया गया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री ने गृह विभाग की कमान अपने पास सुरक्षित रखते हुए अपनी टीम के दिग्गजों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। भाजपा के फायरब्रांड नेता दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पंचायत और पशु संसाधन जैसे जमीनी स्तर के विभागों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल कल्याण विभाग का नेतृत्व सौंपा गया है। इसके अलावा, अशोक कीर्तनिया को खाद्य मंत्रालय, खुदीराम टुडू को पिछड़ा वर्ग कल्याण और निसिथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास के साथ-साथ खेल एवं युवा कल्याण विभाग का प्रभार दिया गया है। हालांकि, पार्टी की ओर से इन नामों की अभी आधिकारिक पुष्टि होना शेष है, लेकिन इन संभावित नामों ने बंगाल की नई प्रशासनिक दिशा का संकेत दे दिया है।

प्रशासनिक मशीनरी को गति देते हुए पहली कैबिनेट बैठक में ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दूरगामी प्रभाव वाले निर्णय लिए। सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के कार्य को सुगम बनाने के लिए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को 45 दिनों के भीतर आवश्यक जमीन हस्तांतरित करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती जिलों में बदलती जनसांख्यिकी को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अनिवार्य हैं। उन्होंने पिछली सरकार पर जनगणना संबंधी केंद्रीय परिपत्रों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप भी लगाया। यह कदम न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि केंद्र और राज्य के बीच नए समन्वय की ओर भी इशारा करता है।

जनता को सीधे राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने केंद्र की महत्वाकांक्षी 'आयुष्मान भारत' योजना को राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू करने का ऐलान किया है, जिससे लाखों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही, न्याय प्रणाली में आधुनिकता लाते हुए अब राज्य में सभी नए मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज करने का निर्णय लिया गया है। युवाओं और शिक्षित बेरोजगारों के लिए भी सरकार ने बड़ी सौगात दी है, जिसके तहत सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी कर दी गई है। दिलचस्प बात यह है कि नई सरकार ने आक्रामक बदलावों के बीच जनकल्याण की निरंतरता को बनाए रखने के लिए पिछली सरकार की सभी प्रभावी लाभार्थी योजनाओं को जारी रखने का भी संकल्प लिया है।

नई सरकार के पहले ही दिन लिए गए ये फैसले पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े वैचारिक और प्रशासनिक बदलाव के गवाह बन रहे हैं। बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण से लेकर आयुष्मान भारत के कार्यान्वयन तक, शुभेंदु कैबिनेट का एजेंडा पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में नजर आ रहा है। यह प्रशासनिक सक्रियता न केवल बंगाल की कानून-व्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश है, बल्कि राज्य के विकास मॉडल को पूरी तरह से बदलने का एक ठोस प्रयास भी माना जा रहा है। आने वाले समय में ये फैसले बंगाल की सामाजिक और राजनीतिक संरचना पर क्या प्रभाव डालते हैं, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी रहेंगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story