Revati Sule Sarang Lakhani wedding : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर 20 जून को एक ऐसे ऐतिहासिक और भव्य आयोजन का गवाह बना, जिसने देश के राजनीतिक और कॉरपोरेट गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले और जाने-माने व्यवसायी सारंग लखानी के विवाह समारोह में देश के उन दिग्गजों का जमावड़ा देखा गया, जो अमूमन सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे के धुर विरोधी नजर आते हैं। इस हाई-प्रोफाइल शादी ने न केवल ग्लैमर और भव्यता की नई परिभाषा गढ़ी, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि भारत की शीर्ष कूटनीति और व्यक्तिगत संबंध राजनीतिक विचारधाराओं और आपसी मतभेदों से कहीं ऊपर हैं। इस भव्य समागम ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के शीर्ष नेतृत्व को एक छत के नीचे लाकर खड़ा कर दिया।

इस हाई-प्रोफाइल विवाह समारोह की मुख्य कड़ी वह लम्हा थी जब देश की राजनीति को विपरीत दिशाओं में ले जाने वाले चेहरे एक साथ दिखाई दिए। समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जैसे बड़े राजनेता शामिल हुए। इनके साथ ही देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी वर-वधू को अपना आशीर्वाद दिया। राजनीतिक दिग्गजों के अलावा कॉरपोरेट जगत की सबसे प्रभावशाली हस्तियों, जैसे उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी के परिवार ने भी इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी ने इस समारोह को और अधिक चर्चा में ला दिया। वहीं, बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन और किंग खान शाहरुख खान जैसी फिल्मी हस्तियों ने अपनी मौजूदगी से इस शादी को पूरी तरह स्टार-स्टडेड बना दिया।

प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से इस वीवीआईपी आयोजन के लिए मुंबई पुलिस और निजी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कड़े प्रबंध किए गए थे। चूंकि इस समारोह में देश के शीर्ष स्तर के सुरक्षा प्राप्त नेता और वैश्विक स्तर के उद्योगपति शामिल हो रहे थे, इसलिए जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर के आसपास कड़े कूटनीतिक और कानूनी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए थे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय नेताओं के आगमन को देखते हुए हवाई अड्डे से लेकर कार्यक्रम स्थल तक विशेष सुरक्षा कॉरिडोर तैयार किया गया था। इस भव्य आयोजन ने वीवीआईपी सुरक्षा प्रबंधन और नागरिक व्यवस्था के तालमेल की भी एक बड़ी मिसाल पेश की।


हालांकि, इस भव्य समागम की तस्वीरें और वीडियो जैसे ही सार्वजनिक हुए, इंटरनेट जगत में एक नया विवाद खड़ा हो गया। सार्वजनिक और राजनैतिक मंचों पर जिन कॉरपोरेट घरानों और वैचारिक संगठनों, विशेषकर अडानी, अंबानी और आरएसएस को लेकर तीखे हमले किए जाते हैं, उनके प्रमुखों का विपक्षी नेताओं के साथ इस तरह सौहार्दपूर्ण माहौल में मिलना सोशल मीडिया यूजर्स को रास नहीं आया। कई ऑनलाइन मंचों पर इस परोपकारिता और व्यक्तिगत संबंधों को लेकर तीखी आलोचना की गई, जहां लोगों ने इसे राजनीतिक पाखंड का नाम दिया। जनता के बीच चलने वाले तीखे वाकयुद्ध और पारिवारिक आयोजनों की इस दोहरी तस्वीर ने डिजिटल स्पेस में एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।

रेवती सुले और सारंग लखानी की यह शादी महज दो परिवारों का मिलन नहीं, बल्कि भारतीय सत्ता तंत्र के उस आंतरिक ताने-बाने का प्रदर्शन है, जहां व्यक्तिगत रिश्ते कूटनीतिक सीमाओं को लांघ जाते हैं। कैमरे के सामने एक-दूसरे पर तीखे शब्दबाण चलाने वाले चेहरों का इस तरह मुस्कुराते हुए मिलना भारतीय लोकतंत्र की एक अनूठी और गहरी हकीकत को बयां करता है। इस भव्य आयोजन के खत्म होने के बाद भी इसके राजनीतिक निहितार्थ और सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस आने वाले दिनों में देश के राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करती रहेगी, जो यह याद दिलाती है कि सत्ता के खेल से परे व्यक्तिगत संबंधों की जड़ें बेहद गहरी होती हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story