बेंगलुरु की सड़कों पर संग्राम; MGNREGA खत्म करने के विरोध में कांग्रेसने किया हल्ला बोल
बेंगलुरु में कांग्रेस ने केंद्र के नए वीबी-ग्राम जी (VB-GRAM G) अधिनियम के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व में निकले इस मार्च में मनरेगा (MGNREGA) को खत्म करने की कोशिशों का विरोध किया गया। विपक्ष का आरोप है कि नया कानून ग्रामीण रोजगार और पंचायतों को कमजोर करेगा। जानें क्या है यह पूरा विवाद और क्यों कांग्रेस ने शुरू किया है 45 दिनों का राष्ट्रव्यापी अभियान।

Rahul Gandhi video with MGNREGA workers : कर्नाटक की राजधानी मंगलवार को एक बड़े सियासी संग्राम का गवाह बनी, जब कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने केंद्र सरकार के नए 'वीबी-ग्राम जी' (VB-GRAM G) अधिनियम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने बेंगलुरु की सड़कों पर मार्च निकाला। यह विरोध प्रदर्शन केवल एक कानून के खिलाफ नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की 'लाइफलाइन' माने जाने वाले मनरेगा (MGNREGA) के अस्तित्व को बचाने की एक बड़ी जंग के रूप में देखा जा रहा है।
मनरेगा बनाम वीबी-ग्राम जी: विवाद की जड़
केंद्र सरकार ने 2005 के ऐतिहासिक 'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम' (MGNREGA) को बदलकर नया 'वीबी-ग्राम जी' अधिनियम लागू किया है। जहाँ सरकार इसे भ्रष्टाचार मुक्त और आधुनिक तकनीक से लैस बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इसके प्रावधानों पर गंभीर संवैधानिक सवाल खड़े किए हैं:
- सीमित कार्यक्षेत्र: नए कानून के तहत अब ग्रामीण ब्लॉक के किसी भी हिस्से में काम करने का अधिकार खत्म हो जाएगा; काम केवल चुनिंदा और सीमित क्षेत्रों में ही उपलब्ध होगा।
- फंडिंग का बोझ: कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र ने चालाकी से फंडिंग का बड़ा बोझ राज्यों के कंधों पर डाल दिया है, जिससे गरीब राज्यों के लिए योजना चलाना मुश्किल होगा।
- सीजनल पॉज (मौसमी रोक): नए अधिनियम में काम के बीच तकनीकी निगरानी और 'सीजनल पॉज' के प्रावधान हैं, जिसे विपक्ष 'रोजगार छीनने की साजिश' बता रहा है।
'45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान' का आगाज :
इस प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी द्वारा साझा किए गए वीडियो भी चर्चा का केंद्र रहे, जिनमें श्रमिक मनरेगा के कारण मिलने वाले सम्मानजनक रोजगार और कम भेदभाव की प्रशंसा कर रहे हैं। कांग्रेस ने घोषणा की है कि यह विरोध केवल बेंगलुरु तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पार्टी पुराने मनरेगा को बहाल करने के लिए 45 दिनों का राष्ट्रव्यापी 'बचाओ अभियान' चलाएगी।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए नए कानून का बचाव किया है। भाजपा के अनुसार, 'वीबी-ग्राम जी' अधिनियम तकनीक के माध्यम से भ्रष्टाचार को खत्म करेगा और मजदूरी के भुगतान में होने वाली देरी को रोकेगा, जो पुराने मनरेगा की सबसे बड़ी कमजोरी थी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
