एस.एस. राजामौली को पेरिस के सिनेमाथेक फ्रैंकेस में मिला विशेष सम्मान
दिग्गज फिल्म निर्माता एस.एस. राजामौली को पेरिस के प्रतिष्ठित संस्थान में स्थायी जगह दी गई है, इस अवसर पर फिल्मकार कोस्टा-गावरास भी उपस्थित रहे।

तस्वीर में फिल्म निर्माता एस.एस. राजामौली (बाएं) और फिल्मकार कोस्टा-गावरास (दाएं) पेरिस के सिनेमाथेक फ्रैंकेस के कार्यक्रम में साथ दिख रहे हैं।
भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान को एक नए शिखर पर ले जाते हुए, कालजयी फिल्म निर्माता एस.एस. राजामौली ने एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी महाकाव्यात्मक फिल्मों के माध्यम से विश्व भर में अपनी धाक जमाने वाले राजामौली को पेरिस स्थित विश्व के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म संस्थान 'सिनेमाथेक फ्रैंकेस' (Cinémathèque Française) में स्थाई स्थान प्रदान कर सम्मानित किया गया है। सिनेमा के इतिहास को संरक्षित करने के लिए समर्पित इस संस्थान का यह निर्णय भारतीय सिनेमा के वैश्विक प्रभाव को रेखांकित करता है।
Having me here in Paris and screening my films is itself an honour for me. But a sweet surprise I never saw coming. It is a feeling I cannot fully put into words. To have a permanent place in the halls of one of the world’s most legendary film institutions, named after the great… pic.twitter.com/XYrNWfm4BU
— rajamouli ss (@ssrajamouli) June 28, 2026
इस सम्मान समारोह की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऑस्कर विजेता दिग्गज ग्रीक-फ्रेंच फिल्म निर्माता कोस्टा-गावरास ने स्वयं इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कोस्टा-गावरास द्वारा राजामौली की फिल्मों का गहन अवलोकन किया गया। उन्होंने न केवल राजामौली की मास्टरक्लास में सक्रिय भागीदारी निभाई, बल्कि उनके सिनेमाई विजन के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए आठ घंटे तक उनकी कृतियों का अध्ययन भी किया। हेनरी लैंग्लॉइस द्वारा स्थापित इस संस्थान की दीवारों पर राजामौली का नाम अंकित होना, भारतीय फिल्म निर्माण के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए एस.एस. राजामौली ने इस अवसर को शब्दों से परे बताते हुए इसे अपने जीवन की अत्यंत संजोकर रखने वाली स्मृति करार दिया। उन्होंने कोस्टा-गावरास और सिनेमाथेक फ्रैंकेस परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा के प्रति यह गर्मजोशी अत्यंत प्रेरणादायक है। इससे पूर्व यह सम्मान मार्टिन स्कोर्सेसे, जेम्स कैमरून और डेविड फिन्चर जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की हस्तियों को मिल चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान केवल किसी व्यावसायिक सफलता का परिणाम नहीं, बल्कि राजामौली की उन फिल्मों का परिणाम है जिन्होंने दर्शकों के हृदयों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है और फिल्म निर्माण की नई सीमाओं को परिभाषित किया है।
वर्तमान में एस.एस. राजामौली अपनी आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्म की तैयारियों में संलग्न हैं, जिसमें महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म न केवल उनके आगामी सिनेमाई सफर का हिस्सा है, बल्कि यह भारतीय कथावाचन की सीमाओं को वैश्विक स्तर पर विस्तारित करने के उनके विजन का भी प्रमाण है। पेरिस में मिली यह मान्यता निश्चित रूप से भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक गौरवशाली अध्याय है, जो भविष्य के फिल्म निर्माताओं के लिए प्रेरणा का एक नया स्रोत बनकर उभरेगा।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
