अक्टूबर में 15 दिन ठप रहेगा श्रीनगर एयरपोर्ट; जानें कब से कब तक बंद रहेंगी उड़ानें
श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 1 से 15 अक्टूबर 2026 तक रनवे मरम्मत और रखरखाव कार्य के लिए पूरी तरह बंद रह सकता है। जुलाई से सितंबर तक हर सोमवार और मंगलवार उड़ानें प्रभावित होने की संभावना है। यह फैसला कश्मीर पर्यटन, दुर्गा पूजा और नवरात्रि सीजन के दौरान लाखों यात्रियों और स्थानीय कारोबार पर बड़ा असर डाल सकता है।

श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
कश्मीर आने-जाने वाले लाखों यात्रियों और पर्यटन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर व्यापक रनवे मरम्मत और रखरखाव कार्य के चलते आगामी अक्टूबर में 15 दिनों तक सभी उड़ान सेवाएं पूरी तरह बंद रहने की संभावना है। एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा प्रस्तावित इस योजना का उद्देश्य हवाई संचालन की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण कार्यों को गति देना है।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 1 अक्टूबर 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक सभी उड़ानों का संचालन पूरी तरह निलंबित रहेगा। इस दौरान रनवे के केंद्रीय हिस्से में बड़े पैमाने पर मरम्मत और तकनीकी सुधार किए जाएंगे, जिसके कारण विमान संचालन संभव नहीं होगा। मरम्मत कार्य पूरा होने और आवश्यक अनुमोदन मिलने के बाद 16 अक्टूबर से उड़ान सेवाएं पुनः शुरू किए जाने की संभावना है।
हवाई अड्डा प्रशासन ने इसके लिए चरणबद्ध योजना तैयार की है। प्रस्ताव के तहत 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक प्रत्येक सोमवार और मंगलवार को रनवे रखरखाव कार्यों के लिए अनुपलब्ध रहेगा। इस अवधि में उड़ान संचालन प्रभावित होने की आशंका है और एयरलाइनों को अपने कार्यक्रमों में बदलाव करना पड़ सकता है। अधिकारियों के अनुसार, यह पिछले लगभग 15 वर्षों में रनवे पर होने वाला सबसे बड़ा रखरखाव अभियान होगा। बताया गया है कि रनवे पर आखिरी बार इस स्तर का व्यापक कार्य वर्ष 2011 के आसपास किया गया था। लगातार बढ़ते हवाई यातायात और सुरक्षा मानकों को देखते हुए वर्तमान मरम्मत कार्य को अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।
श्रीनगर हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन पहले से ही प्रतिबंधों के दायरे में है। अप्रैल से जारी विभिन्न तकनीकी और रखरखाव गतिविधियों के कारण फिलहाल उड़ानों का संचालन केवल सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ही किया जा रहा है। पहले यह अवधि कहीं अधिक लंबी थी, लेकिन सीमित संचालन समय के कारण प्रतिदिन उड़ानों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि अक्टूबर में प्रस्तावित पूर्ण बंदी जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है। यह अवधि दुर्गा पूजा, नवरात्रि और शरदकालीन पर्यटन सीजन के साथ मेल खाती है, जब विशेष रूप से पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर पहुंचते हैं। ऐसे में होटल उद्योग, टूर ऑपरेटर, परिवहन सेवाओं और स्थानीय व्यापारियों को बुकिंग रद्द होने तथा पर्यटकों की संख्या घटने की चिंता सता रही है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि जुलाई से अक्टूबर के बीच यात्रा की योजना बनाते समय उड़ानों की स्थिति की नियमित जांच करें। सोमवार और मंगलवार को संभावित व्यवधानों को ध्यान में रखते हुए टिकट बुकिंग की जाए। साथ ही 1 से 15 अक्टूबर के बीच प्रस्तावित पूर्ण बंदी को देखते हुए यात्रियों को अंतिम आधिकारिक अधिसूचना जारी होने तक अपनी यात्रा योजनाओं में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरा रखरखाव कार्यक्रम अभी अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया में है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत कार्यक्रम आधिकारिक माध्यमों से जारी किया जाएगा। अधिकारियों ने यात्रियों से अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर भरोसा न करने तथा केवल आधिकारिक घोषणाओं के आधार पर ही यात्रा संबंधी निर्णय लेने की अपील की है। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की यह प्रस्तावित बंदी केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि कश्मीर के हवाई संपर्क, पर्यटन उद्योग और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। आने वाले महीनों में इस योजना का अंतिम स्वरूप और इसका प्रभाव लाखों यात्रियों तथा पर्यटन क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखेगा।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
