नीट-यूजी पेपर लीक और सीबीएसई पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी के विरोध में सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए अल्टीमेटम जारी किया है।

Sonam Wangchuk Youth Protest Delhi : भारत की चरमराती शिक्षा व्यवस्था और करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ देश की राजधानी में एक बहुत बड़ा जनांदोलन खड़ा हो गया है। देश के जाने-माने शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने देश के लाखों पीड़ित युवाओं और छात्रों की आवाज को बुलंद करते हुए इस महाआंदोलन में कूदने का एक ऐतिहासिक ऐलान कर दिया है। नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा के पेपर लीक और सीबीएसई (CBSE) परिणामों में हुई अप्रत्याशित देरी से उपजे देशव्यापी आक्रोश के बीच, सोनम वांगचुक ने सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर दी है। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में एक अल्टीमेटम जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि शिक्षा मंत्री आगामी 5 जून तक अपने पद से त्यागपत्र नहीं देते हैं, तो वह 6 जून को दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर होने वाले युवाओं के विशाल विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल होंगे। डिजिटल और आधुनिक युग में देश के भविष्य यानी छात्र शक्ति के इस आक्रामक रुख ने सत्ता के गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है।

इस बड़े घटनाक्रम की पृष्ठभूमि देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिसने देश के 22 लाख से अधिक प्रतिभावान छात्रों की रातों की नींद उड़ा दी है। इस वर्ष आयोजित हुई इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक होने की पुष्टि होने के बाद, सरकार और परीक्षा नियामक संस्थाओं को चौतरफा दबाव के आगे झुकना पड़ा और अंततः पूरी परीक्षा को ही रद्द यानी स्क्रैप करना पड़ा। इस मामले में देश के विभिन्न हिस्सों से कई रसूखदार आरोपियों और दलालों की गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं, जो शिक्षा माफियाओं के गहरे मकड़जाल को उजागर करती हैं। अब इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करने के लिए आगामी 21 जून की तारीख तय की गई है। इस प्रशासनिक विफलता ने न केवल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को गहरी ठेस पहुंचाई है, बल्कि उनके पूरे एक साल के परिश्रम पर भी पानी फेर दिया है, जिसके कारण छात्रों का धैर्य अब पूरी तरह टूट चुका है।

समस्या केवल चिकित्सा क्षेत्र के छात्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की लापरवाही ने भी जलती आग में घी डालने का काम किया है। सीबीएसई के परिणाम सत्यापन पोर्टल (Verification Portal) में आई गंभीर तकनीकी खामियों और बार-बार होने वाले ग्लिच के कारण देश के लाखों छात्र अपनी आगे की उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज दाखिला लेने से वंचित हो गए हैं। इस पोर्टल की खराबी के कारण विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में दाखिले की खिड़की बंद होने की कगार पर है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। युवाओं का यह देशव्यापी आक्रोश राजनीतिक रूप से भी मुखर हो रहा है, जहां कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) के अभियान को भी इस युवा-नेतृत्व वाले आंदोलन का मजबूत समर्थन मिल रहा है, जो लगातार सरकार की इस विफलता को सड़क से संसद तक उठाने की पुरजोर कोशिश कर रही है।

इस पूरे मामले के आधिकारिक और कानूनी पहलुओं पर नजर डालें तो देश भर में अब तक 90 से अधिक कथित पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जिन्होंने भारत के पूरे परीक्षा तंत्र और उसकी विश्वसनीयता को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है। इन घोटालों और प्रशासनिक चूकों को लेकर पिछले कुछ दिनों में मीडिया और सरकार के बीच भी तीखी झड़पें देखने को मिली हैं, जिसने इस मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया है। छात्र गुटों और कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा नियामक संस्थाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी राष्ट्रीय आपदा की पुनरावृत्ति न हो सके।

सोनम वांगचुक का इस आंदोलन से जुड़ना इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि युवाओं की यह हताशा अब एक बड़े राष्ट्रीय संकट का रूप ले चुकी है। यह आंदोलन केवल एक परीक्षा को दोबारा कराने की मांग नहीं है, बल्कि यह उस दोषपूर्ण और खोखले शिक्षा तंत्र के खिलाफ एक सीधी जंग है जो हर साल देश के लाखों-करोड़ों प्रतिभावान बच्चों के सपनों को कुचल रहा है। आने वाले दिनों में जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन और 5 जून की समय सीमा, भारतीय राजनीति और देश की शिक्षा नीति की दशा और दिशा तय करने में बेहद निर्णायक और दूरगामी भूमिका निभाने वाली है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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