Singrauli tribal youth assault : मध्य प्रदेश के ऊर्जा संभाग सिंगरौली से मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने आदिवासी सुरक्षा और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) के निगाही कोल हैंडलिंग प्लांट में एक सुरक्षा गार्ड द्वारा बैगा आदिवासी युवक की हॉकी स्टिक से बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। यह घटना करीब दो महीने पुरानी बताई जा रही है, लेकिन इसका विचलित करने वाला वीडियो 2 मई को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन की नींद टूटी और राजनीतिक गलियारों में आक्रोश की लहर दौड़ गई।

घटनाक्रम के अनुसार, पीड़ित युवक की पहचान अन्ने लाल बैगा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि लगभग दो माह पूर्व, अन्ने लाल कथित तौर पर नशे की हालत में एनजीएल के प्रतिबंधित कोयला हैंडलिंग क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। सुरक्षा गार्डों का आरोप है कि वह वहां से लोहे का कबाड़ चोरी करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान एक सुरक्षा गार्ड ने कानून हाथ में लेते हुए उस पर हॉकी स्टिक से हमला कर दिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक असहाय अवस्था में है, फिर भी उसे अमानवीय तरीके से पीटा जा रहा है। औद्योगिक सुरक्षा और प्रोटोकॉल के नाम पर की गई यह 'ऑन-द-स्पॉट' बर्बरता अब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

कानूनी मोर्चे पर, नवानगर थाना पुलिस ने वीडियो के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, घटना के इतने समय बाद उजागर होने के कारण पुलिस के सामने मुख्य चुनौती पीड़ित युवक अन्ने लाल बैगा को ढूंढना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक पीड़ित का बयान दर्ज नहीं हो जाता, तब तक कार्रवाई को अंतिम रूप देना कठिन होगा। वर्तमान में इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच टीम सुरक्षा गार्ड की पहचान करने और पीड़ित के ठिकाने का पता लगाने के लिए लगातार दबिश दे रही है।

इस घटना ने सिंगरौली क्षेत्र में पहले से ही व्याप्त कोयला खनन तनाव और आदिवासियों के साथ हो रहे व्यवहार को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। कांग्रेस नेताओं ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'बर्बर' करार दिया है और राज्य सरकार पर आदिवासियों के प्रति उदासीन होने का आरोप लगाया है। यह मामला केवल एक मारपीट की घटना नहीं है, बल्कि यह उस गहरे संघर्ष को दर्शाता है जो इस क्षेत्र में भूमि, संसाधन और स्थानीय जनजातीय आबादी के अधिकारों के बीच वर्षों से चला आ रहा है। सिंगरौली की यह घटना एक चेतावनी है कि औद्योगिक विकास की चमक में स्थानीय समुदायों का सम्मान और सुरक्षा धुंधली नहीं पड़नी चाहिए।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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