9 साल की उम्र, 117 देश और एक ऐतिहासिक जीत ; जानें फरीदाबाद की श्रेयोवी की उस खास फोटो की सफलता
फरीदाबाद की 9 वर्षीय श्रेयोवी मेहता ने लंदन में आयोजित “Wildlife Photographer of the Year 2024” प्रतियोगिता में ‘10 Years and Under’ श्रेणी में रनर-अप स्थान प्राप्त किया। उनकी तस्वीर “In the Spotlight” में केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, राजस्थान के दो मोर दर्शाए गए हैं।

9 वर्षीय श्रेयोवी मेहता (दाएं) अपने कैमरे के साथ
फरीदाबाद (दिल्ली के निकट) की मात्र 9 वर्षीय छात्रा श्रेयोवी मेहता ने अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी जगत में भारत का नाम रोशन करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कक्षा पाँच में अध्ययनरत श्रेयोवी ने प्रतिष्ठित “Wildlife Photographer of the Year 2024” प्रतियोगिता में ‘10 Years and Under’ श्रेणी में रनर-अप स्थान प्राप्त कर सभी को चौंका दिया है। यह प्रतियोगिता लंदन में आयोजित की गई थी, जिसमें दुनिया भर के प्रतिभाशाली फोटोग्राफरों ने हिस्सा लिया।
श्रेयोवी की पुरस्कार विजेता तस्वीर का शीर्षक “In the Spotlight” है, जिसमें राजस्थान के भरतपुर स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में दो मोर शांत वातावरण में विश्राम करते हुए दिखाई देते हैं। यह छवि न केवल अपनी सौंदर्यात्मक प्रस्तुति के कारण चर्चा में रही, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयनित किए जाने की प्रक्रिया ने भी इसे विशेष बना दिया।
जानकारी के अनुसार, यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता अपने 60वें संस्करण में आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 60,000 प्रविष्टियाँ 117 देशों और क्षेत्रों से प्राप्त हुई थीं। इतने बड़े वैश्विक प्रतिस्पर्धी मंच पर श्रेयोवी की तस्वीर का रनर-अप चुना जाना एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
इस प्रेरणादायक उपलब्धि की शुरुआत उस समय हुई जब श्रेयोवी अपने परिवार के साथ राजस्थान के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में सुबह की सैर पर गई थीं। प्रकृति की गोद में घूमते हुए उनकी नजर दो मोरों पर पड़ी। उस क्षण को भांपते हुए उन्होंने तुरंत अपने पिता का कैमरा लिया और बेहद सहजता तथा सटीकता के साथ उस दृश्य को कैद कर लिया। यही तस्वीर आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय पहचान का कारण बनी।
श्रेयोवी की यह उपलब्धि भारत के युवा प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणा के रूप में देखी जा रही है। इतनी कम उम्र में वैश्विक मंच पर पहचान बनाना न केवल उनकी रचनात्मक क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।
यह कहानी वर्ष 2025–2026 के दौरान भी लगातार चर्चा में बनी हुई है, क्योंकि श्रेयोवी मेहता अब भारत की उन सबसे कम उम्र की फोटोग्राफरों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ी है। उनकी यह सफलता भारतीय वन्यजीव फोटोग्राफी के क्षेत्र में नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
