बालासाहब के जन्मदिन के शतकपूर्ति के मौके पर शिंदे- ठाकरे गुट आएंगे एकसाथ? बड़े नेताने दिए संकेत
शिवसेना प्रमुख बाळासाहेब ठाकरे की 100वीं जयंती पर विधायक भास्कर जाधव ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को खुली चुनौती दी है। जाधव ने मांग की है कि शिंदे अपने मतभेद भुलाकर मुंबई महापौर पद के लिए उद्धव ठाकरे के उम्मीदवार का समर्थन करें, ताकि जन्मशताब्दी वर्ष में मुंबई पर केवल 'ठाकरे' की शिवसेना का भगवा लहरा सके। जानिए क्या है पूरी राजनीतिक हलचल।

Uddhav-shinde aliance : हिंदू हृदय सम्राट शिवसेना प्रमुख दिवंगत बाळासाहेब ठाकरे का आज 100वां जन्मदिन है। पूरा महाराष्ट्र और देशभर के शिवसैनिक इस दिन को 'जन्मशताब्दी वर्ष' के रूप में मना रहे हैं। लेकिन, इस ऐतिहासिक अवसर पर राजनीतिक गलियारों में एक टीस भी है—जिस मुंबई की नगर पालिका (BMC) पर दशकों तक शिवसेना का एकछत्र राज रहा, आज वहां पहली बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है कि शिवसेना का महापौर (मेयर) न होने का खतरा मंडरा रहा है।
इसी पृष्ठभूमि में, शिवसेना (UBT) के दिग्गज नेता और विधायक भास्कर जाधव ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। जाधव ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को 'चुनौतीपूर्ण विनती' करते हुए अपील की है कि वे राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर मुंबई में उद्धव ठाकरे के उम्मीदवार का समर्थन करें।
"वारिस बनाम सत्ता": भास्कर जाधव के कड़े प्रहार :
भास्कर जाधव ने सत्ता संघर्ष और शिवसेना के दावों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि भले ही एकनाथ शिंदे गुट खुद को 'असली शिवसेना' कहे, लेकिन दुनिया जानती है कि 19 जून 1966 को इस संगठन को जन्म किसने दिया। जाधव के संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
विरासत का सवाल: जाधव ने स्पष्ट किया कि बाळासाहेब ठाकरे के वास्तविक उत्तराधिकारी उद्धव ठाकरे हैं। उन्होंने कहा, "आप भाजपा के साथ मिलकर पार्टी तोड़कर ले गए, इसका मतलब यह नहीं कि आप इसके मालिक बन गए। जनता जानती है कि असली मालिक कौन है।"
शिंदे को चुनौती: जाधव ने मुख्यमंत्री शिंदे से आग्रह किया कि वे साहस दिखाएं और भाजपा से कहें कि वे केंद्र और राज्य में साथ रहेंगे, लेकिन मुंबई नगर पालिका पर झंडा केवल 'बाळासाहेब की शिवसेना' (उद्धव गुट) का ही लहराना चाहिए।
अहंकार त्यागने की अपील: "यदि आप वास्तव में बाळासाहेब को अपना गुरु मानते हैं, तो इस जन्मशताब्दी वर्ष में अपने मान, सम्मान और अहंकार को बाजू में रखकर उद्धव ठाकरे के उम्मीदवार का समर्थन करें। यही शिवसेना प्रमुख को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।"
भविष्य की रणनीति और 'जवाचे गहू'
जब भास्कर जाधव से पूछा गया कि क्या दोनों शिवसेना गुट फिर से एक होंगे, तो उन्होंने अपनी चिरपरिचित शैली में 'जवाचे गहू तवाच्या पोळ्या' (जब गेहूं आएगा, तब रोटियां बनेंगी) कहकर भविष्य की अनिश्चितता और समय की महत्ता पर संकेत दिया।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
