भरत तिवारी एनकाउंटर पर बोले CM सम्राट चौधरी; न्यायिक आयोग का गठन
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भोजपुर एनकाउंटर मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि सरकार ने निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित किया है।

पटना के ज्ञान भवन में आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम के मंच पर बोलते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जहां उन्होंने भोजपुर एनकाउंटर मामले पर सरकार द्वारा न्यायिक जांच बिठाने की जानकारी दी।
Bharat Tiwari Encounte : बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर चौतरफा घिरने के बाद आखिरकार गुरुवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आ ही गई। पटना के ज्ञान भवन में आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री ने न सिर्फ इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी, बल्कि यह साफ करने की कोशिश की कि उनकी सरकार सूबे में न्याय व्यवस्था को लेकर कितनी गंभीर है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जब भी राज्य में कोई समस्या या अप्रिय घटना सामने आती है, तो सरकार तुरंत चिंतित होकर उस पर त्वरित कदम उठाती है।
भोजपुर की इस घटना का सीधा जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भोजपुर में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिस पर बिना किसी देरी के बिहार सरकार ने तुरंत ज्यूडिशियल कमीशन (न्यायिक आयोग) का गठन कर दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का एकमात्र मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित पक्ष को हर हाल में न्याय मिले और अगर इस पूरे मामले में कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उस पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले जब मीडिया ने मुख्यमंत्री से इस एनकाउंटर को लेकर सवाल पूछे थे, तब उन्होंने इस विषय पर पूरी तरह चुप्पी साध ली थी, लेकिन अब न्यायिक जांच शुरू होने के बाद उन्होंने सरकार का रुख स्पष्ट कर दिया है।
इस पूरे मामले में प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर भी तेजी से हलचल बढ़ी है। बीते बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अहम बैठक में भोजपुर एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच के प्रस्ताव पर आधिकारिक मुहर लगा दी गई थी। इस उच्च स्तरीय जांच की जिम्मेदारी पटना हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा को सौंपी गई है। जांच के आदेश मिलते ही जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा गुरुवार को खुद जमीनी हकीकत जानने के लिए भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और उनका पक्ष जाना।
यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम पटना के ज्ञान भवन में आपातकाल की बरसी पर बीजेपी द्वारा आयोजित 'संविधान हत्या दिवस' के मंच पर देखने को मिला। इस भव्य कार्यक्रम में जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मानित किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सहित बिहार सरकार के कई दिग्गज मंत्री और विधायक मौजूद रहे। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ने इस मंच का उपयोग भरत तिवारी मामले में सरकार की संवेदनशीलता दिखाने के लिए किया, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने और जेपी नड्डा ने आपातकाल के काले दौर को याद करते हुए कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। सरकार के इस त्वरित एक्शन और मुख्यमंत्री के कड़े तेवरों से साफ है कि भोजपुर का यह मामला आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाने वाला है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
