ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ेगी; 1540 रूट्स पर दौड़ेंगी बसें
उत्तर प्रदेश में 22 जिलों से शुरू होगी जनता बस सेवा, 1540 रूट्स पर गांवों को शहरों से मिलेगी नई कनेक्टिविटी

ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ेगी; 1540 रूट्स पर बसें दौड़ेंगी
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को परिवहन सुविधा से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जल्द ही जनता बस सेवा की शुरुआत की जाएगी, जिसकी शुरुआत पहले चरण में 22 जिलों से होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को हरी झंडी दे दी है और परिवहन विभाग ने संचालन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस नई व्यवस्था से राज्य के लाखों ग्रामीणों को शहरों तक आसान और सस्ती यात्रा की सुविधा मिलेगी।
22 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट से शुरुआत :
पहले चरण में लखनऊ, कानपुर, आगरा, शाहजहांपुर, सीतापुर, हरदोई, बरेली, मथुरा, नोएडा, गाजियाबाद, एटा, फिरोजाबाद, वाराणसी, जौनपुर और बलिया सहित 22 जिलों में जनता बस सेवा शुरू होगी। इन जिलों में ग्रामीण इलाकों को जिले के डिपो मुख्यालय से जोड़ा जाएगा। इससे गांव से सीधे ब्लॉक या तहसील मुख्यालय तक कनेक्टिविटी संभव होगी। शुरुआती एक महीने तक बसों के संचालन को ट्रायल के तौर पर देखा जाएगा। इस दौरान अगर कोई कमी सामने आती है तो उसे सुधारने के बाद सेवा का दायरा पूरे प्रदेश में बढ़ा दिया जाएगा।
1540 रूट्स पर दौड़ेंगी बसें :
परिवहन विभाग के अनुसार, तमाम तैयारियों के बाद पूरे प्रदेश में कुल 1540 रूट्स पर जनता बस सेवा शुरू होगी। हर जिले से प्रमुख शहरों तक बसें चलाई जाएंगी ताकि ग्रामीणों को काम, पढ़ाई, अस्पताल और अन्य सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिले। इन बसों का किराया दूसरी सामान्य बसों के मुकाबले सस्ता रखा जाएगा, जिससे ग्रामीणों की जेब पर बोझ नहीं पड़ेगा। यही नहीं, सभी रूट्स पर बसों का ठहराव गांवों में सुनिश्चित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।
बस संचालन का नया मॉडल :
इन बसों के लिए "सिंगर क्रू" संचालन प्रणाली लागू होगी। हर बस एक दिन में चार चक्कर लगाएगी और इसकी दूरी लगभग 60 से 80 किलोमीटर तक होगी। जरूरत पड़ने पर एक रूट पर तीन या उससे ज्यादा बसें भी चलाई जा सकती हैं। इस योजना का मकसद सिर्फ ग्रामीणों को कनेक्टिविटी देना नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सुलभ यात्रा का विकल्प भी उपलब्ध कराना है।
सीएम योगी की प्राथमिकता :
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। 6 सितंबर को उन्होंने कई नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। सरकार का मानना है कि ग्रामीण परिवहन को मजबूत किए बिना विकास की रफ्तार अधूरी है। यही वजह है कि जनता बस सेवा को प्राथमिकता दी जा रही है। इस सेवा के शुरू होने से गांवों से आने-जाने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और किसानों को काफी फायदा होगा। जहां पहले लोगों को निजी साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, अब सस्ती और नियमित बस सेवा उनकी बड़ी परेशानी दूर करेगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
