मालदीव पुलिस सेवा के लिए आरआरयू ने आयोजित किया उन्नत डिजिटल फोरेंसिक प्रशिक्षण
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने मालदीव पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए उन्नत डिजिटल फोरेंसिक और घटना प्रतिक्रिया प्रशिक्षण आयोजित किया। कार्यक्रम में 27 वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और साइबर सुरक्षा, डिजिटल जांच और क्लाउड इंसिडेंट रिस्पॉन्स में कौशल बढ़ाया, भारत-मालदीव सहयोग को सुदृढ़ किया।

गांधीनगर, गुजरात। 20 नवंबर, 2025 — राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) ने मालदीव पुलिस सेवा (एमपीएस) और राष्ट्रीय पुलिस एवं कानून प्रवर्तन कॉलेज (एनसीपीएलई), मालदीव के सहयोग से उन्नत डिजिटल फोरेंसिक और घटना प्रतिक्रिया (डीएफआईआर) पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पहल आरआरयू और एनसीपीएलई के बीच 7 अक्टूबर, 2024 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति श्री मोहम्मद मुइज्जू की उपस्थिति में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) का परिणाम है।
मालदीव में 15 से 20 नवंबर, 2025 तक चलने वाले "डिजिटल जांच और साइबर प्रतिक्रिया अभियान" कार्यक्रम में 27 मध्यम से वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को साइबर अपराध और डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण में आवश्यक नवीनतम ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से लैस करना था। आरआरयू के विशेषज्ञ संकाय ने प्रशिक्षण में भाग लेने वाले अधिकारियों को जटिल साइबर घटनाओं और डिजिटल साक्ष्यों को संभालने के लिए अत्याधुनिक उपकरण, कार्यप्रणाली और ढाँचों से परिचित कराया।
15 नवंबर को उद्घाटन समारोह में सहायक रजिस्ट्रार श्री अजय वीरेंद्रभाई राजगोर, वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर डॉ. रवि शेठ और सहायक प्रोफेसर श्री विवेक जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस सहयोगात्मक प्रयास ने मालदीव के कानून प्रवर्तन ढाँचे के भीतर साइबर सुरक्षा और डिजिटल जांच विशेषज्ञता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोर डीएफआईआर पद्धति, डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन, ऑपरेटिंग सिस्टम और फ़ाइल सिस्टम फोरेंसिक, मेमोरी फोरेंसिक, मैलवेयर पर्सिस्टेंस, नेटवर्क फोरेंसिक, लॉग विश्लेषण और एंटरप्राइज़-स्केल एवं क्लाउड इंसिडेंट रिस्पॉन्स जैसे अत्याधुनिक विषय शामिल थे। इससे प्रतिभागियों को वास्तविक दुनिया के साइबर अपराध मामलों का विश्लेषण करने, डिजिटल साक्ष्य को संरक्षित करने और जटिल साइबर घटनाओं का प्रबंधन करने की दक्षता प्राप्त हुई।
कार्यक्रम के तीसरे दिन, 18 नवंबर, 2025 को टीम आरआरयू ने मालदीव में भारत के महामहिम उच्चायुक्त श्री जी. बालासुब्रमण्यम के साथ बैठक की। बैठक में उप उच्चायुक्त श्री कुमार गौरव और माले स्थित उच्चायोग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। उच्चायुक्त ने एनसीपीएलई, एमपीएस और आरआरयू के बीच भविष्य के सहयोग और प्राथमिकताओं पर गहन चर्चा की और आरआरयू की प्रशिक्षण पहलों और मालदीव पुलिस सेवा के क्षमता निर्माण प्रयासों में योगदान की सराहना की।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने न केवल मालदीव पुलिस अधिकारियों के डिजिटल जांच और साइबर सुरक्षा कौशल को सुदृढ़ किया, बल्कि भारत और मालदीव के बीच कानून प्रवर्तन और साइबर सुरक्षा सहयोग को भी नई दिशा दी। यह पहल क्षेत्रीय साइबर सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
