बंगाल विधानसभा में हुआ तख्तापलट; ऋतब्रत बनर्जी बने नए विपक्ष के नेता
पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष ने टीएमसी के बागी गुट को दी आधिकारिक मान्यता; नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी की विफलता को ठहराया जिम्मेदार।

कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विपक्ष के नेता के रूप में आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद कार्यालय में अन्य नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते ऋतब्रता बनर्जी (केंद्र में माइक के सामने)।
Ritabrata Banerjee LoP West Bengal : पश्चिम बंगाल की राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने राज्य के सियासी समीकरणों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर लंबे समय से सुलग रही बगावत की आग अब विधानसभा के पटल पर एक बड़े प्रशासनिक बदलाव के रूप में उभर आई है। पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए टीएमसी से निष्कासित और बागी गुट के प्रमुख नेता ऋतब्रता बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) के रूप में आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तुरंत बाद विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित कक्ष की चाबियां भी औपचारिक रूप से ऋतब्रता बंदोपाध्याय को सौंप दी गई हैं। सत्ता के गलियारों में हुए इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने न केवल राज्य सरकार के भीतर बल्कि पूरी राजनीतिक बिरादरी में खलबली मचा दी है, क्योंकि यह सीधे तौर पर सत्तारूढ़ दल के आंतरिक असंतोष और बिखराव को सार्वजनिक करता है।
इस बड़े फैसले के बाद विधानसभा परिसर में पत्रकारों से औपचारिक बातचीत करते हुए नव-नियुक्त नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रता बनर्जी ने एक बेहद रणनीतिक और चौंकाने वाला बयान देकर सियासी हलचल को और तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका गुट विधानसभा में पूरी गंभीरता के साथ जनता की आवाज उठाएगा। इसी दौरान उन्होंने एक बेहद सधे हुए अंदाज में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति नरम रुख दिखाते हुए कहा कि उनका गुट चाहता है कि ममता दीदी खुद इस नए विपक्षी मोर्चे की मुख्य सलाहकार की भूमिका स्वीकार करें। ऋतब्रता बंदोपाध्याय ने खुलकर अपनी इच्छा जाहिर की कि मुख्यमंत्री उनका और मुख्य सचेतक का मार्गदर्शन करती रहें ताकि वे सब मिलकर सदन के भीतर राज्य के मुद्दों पर पार्टी का प्रभावी और सकारात्मक नेतृत्व कर सकें। बागी गुट द्वारा ममता बनर्जी को इस तरह सलाहकार बनने का आमंत्रण देना इस पूरी बगावत को एक नया और बेहद पेचीदा मोड़ देता नजर आ रहा है।
हालांकि, जहां एक तरफ ममता बनर्जी के लिए उनके मन में सम्मान दिखा, वहीं दूसरी तरफ टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व पर उनका तीखा हमला भी खुलकर सामने आया। ऋतब्रता बनर्जी ने पार्टी के भीतर मचे इस घमासान और मौजूदा दयनीय स्थिति के लिए सीधे तौर पर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि संगठन की इस विफलता के पीछे पूरी तरह से अभिषेक बनर्जी की रणनीतिक नाकामी जिम्मेदार है। उन्होंने कड़े लहजे में नसीहत देते हुए कहा कि यदि पार्टी के भीतर कोई नेता सफलता का पूरा श्रेय लेता है, तो उसे इस तरह की ऐतिहासिक विफलता की जिम्मेदारी भी पूरी ईमानदारी से स्वीकार करनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बागी गुट को आधिकारिक तौर पर विपक्ष की कमान सौंपे जाने का यह कानूनी फैसला आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति को पूरी तरह प्रभावित करने वाला है, जिसके दूरगामी परिणाम सत्तारूढ़ दल के भविष्य और सदन की कार्यप्रणाली पर साफ तौर पर दिखाई देंगे।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
