केरल में बढ़ रहा है "ब्रेन ईटिंग अमीबा" का खतरा: हुई 18 मौतें
दूषित पानी से फैल रही दुर्लभ लेकिन खतरनाक बीमारी, अब तक कई मौतें। केरल सरकार ने जारी किए कुछ नियम,और लोगों से कहा के गंदे पानी से स्नान न करें।

ब्रेन ईटिंग अमीबा
अब तक 67 मामले, 18 मौतें; केरल में जल-सुरक्षा पर ज़ोर -
मलप्पुरम, कोझिकोड और तिरुवनंतपुरम जिलों में हाल ही में नए मामले सामने आये हैं। मलप्पुरम में 5 वर्ष की बच्ची की मृत्यु इसके हो गयी, जबकि तिरुवनंतपुरम में 17 वर्षीय छात्र को अकुलम टूरिस्ट विलेज के पूल में स्नान करने के बाद संक्रमण की पुष्टि हुई।
सरकार का कदम-
संक्रमण के बढ़ते आंकड़े को देखते हुए, केरल सरकार ने "वॉटर इज़ लाइफ़" अभियान शुरू किया है। इस अभियान के चलते, सार्वजनिक स्नान स्थलों, तालाबों और कुओं की नियमित सफाई की जा रहि है और क्लोरीनीकरण किया जा रहा है।
स्वास्थ विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है की वे गंदे पानी से स्नान न करें और पानी को नाक में जाने से रोकें। इसके अलावा राज्य में नई मॉलिक्युलर लैब्स भी शुरू की गई हैं, जहाँ Naegleria fowleri जैसे खतरनाक अमीबिक संक्रमणों की तेजी से पहचान की जा सकेगी।
स्वास्थ अधिकारी (Health Minister) वीणा जॉर्ज ने बयान दिया, "हमें अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा तंत्र बनाना होगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम स्थिर या प्रदूषित पानी में अपना चेहरा न धोएँ या न नहाएँ, जिसमें ऐसे जलाशय भी शामिल हैं जहाँ मवेशियों को नहलाया जाता है।"
डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी से बचने के लिए हमेशा साफ पानी इस्तेमाल करें और गंदे या असुरक्षित पानी से दूर रहें।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
