देश ने शुक्रवार को अपना नया उपराष्ट्रपति पा लिया है। एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति शपथ ग्रहण कर भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बन गए हैं। उनका शपथ ग्रहण समारोह दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में हुआ, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, एम. वेंकैया नायडू और हामिद अंसारी सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।



भारी मतों से दर्ज की ऐतिहासिक जीत :


मंगलवार 9 सितंबर को हुए चुनाव में सीपी राधाकृष्णन ने विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया। कुल 781 सांसदों में से 767 ने मतदान किया और राधाकृष्णन को 452 वोट (लगभग 60%) मिले, जबकि रेड्डी को 300 वोट (40%) हासिल हुए। इस तरह राधाकृष्णन ने 152 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।


शपथ ग्रहण समारोह में कई राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री शामिल :


राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस भव्य समारोह में कई राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री पहुंचे। छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और कर्नाटक के राज्यपालों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक साहा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी कार्यक्रम का हिस्सा बने। हालांकि, एनसीपी नेता अजित पवार समारोह में शामिल नहीं हुए।


उपराष्ट्रपति बनने से पहले राज्यपाल रहे :


सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति शपथ लेने से पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद पर कार्यरत थे। उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद उन्होंने राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनके इस्तीफे के बाद गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा। राधाकृष्णन इससे पहले झारखंड के राज्यपाल भी रह चुके हैं और तेलंगाना व पुडुचेरी के अतिरिक्त कार्यों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।


लंबा राजनीतिक और सामाजिक सफर :


राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर छात्र आंदोलन से शुरू हुआ और वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़कर राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय हुए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक स्तर पर लंबे समय तक काम किया। वह 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए और कई संसदीय समितियों में अहम भूमिका निभाई। 2004 में वे संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बने।


2007 में उन्होंने 93 दिनों में 19,000 किलोमीटर की ऐतिहासिक रथ यात्रा की। इस यात्रा का उद्देश्य नदियों को जोड़ने, आतंकवाद उन्मूलन, समान नागरिक संहिता लागू करने और नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाना था। 2020 से 2022 तक वे केरल बीजेपी के प्रभारी भी रहे।


निजी जीवन और पृष्ठभूमि :


सीपी राधाकृष्णन ओबीसी समुदाय कोंगु वेल्लार (गाउंडर) से आते हैं। उनकी पत्नी का नाम सुमति है और उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। शपथ ग्रहण के बाद अब राधाकृष्णन देश की सर्वोच्च संसदीय संस्था राज्यसभा के सभापति के रूप में काम करेंगे। उनकी संगठन क्षमता और लंबे राजनीतिक अनुभव से सरकार को बड़ी उम्मीदें हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका कार्यकाल किस तरह देश की राजनीति और संसदीय परंपराओं को नई दिशा देता है।



Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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