रवीन्द्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बंधन बैंक, आईआईएम कलकत्ता और विभिन्न संस्थानों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उन्हें याद किया। पीएम मोदी, ममता बनर्जी और नए मुख्यमंत्री सुब्रत/सुवेन्दु अधिकारी ने भी टैगोर को नमन किया।

कोलकाता से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों तक आज महान कवि, दार्शनिक और नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाई गई। टैगोर, जिन्होंने भारत के राष्ट्रगान की रचना की और विश्वभारती विश्वविद्यालय की स्थापना की, को इस अवसर पर देशभर में विविध कार्यक्रमों और श्रद्धांजलियों के माध्यम से याद किया गया। उनकी जयंती के अवसर पर साहित्य, संगीत और कला से जुड़े आयोजनों ने एक बार फिर उनकी कालजयी विरासत को जीवंत कर दिया।

इस अवसर पर बंधन बैंक, IIM कलकत्ता जैसी प्रमुख संस्थाओं ने टैगोर के विचारों और उद्धरणों को साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सांस्कृतिक मंचों पर रवीन्द्र संगीत, नृत्य-नाट्य और साहित्यिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उनके मानवतावादी दर्शन और सांस्कृतिक योगदान को याद किया गया।

इसी बीच, पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी यह दिन ऐतिहासिक मोड़ के साथ जुड़ गया, जहां अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की भारी जीत के बाद सुवेन्दु अधिकारी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह बदलाव 15 वर्षों से जारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासन के अंत के रूप में देखा जा रहा है, जिसने राज्य की राजनीतिक दिशा को एक नए अध्याय में प्रवेश कराया है। टैगोर की जयंती के सांस्कृतिक वातावरण के बीच यह राजनीतिक परिवर्तन विशेष चर्चा का विषय बना रहा।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि पोहेला बोइशाख के इस विशेष अवसर पर गुरुदेव टैगोर को भावपूर्ण नमन किया जाता है। उन्होंने टैगोर को भारतीय सभ्यता की आत्मा को अभिव्यक्त करने वाले असाधारण कवि, दार्शनिक, शिक्षाविद और कलाकार बताया, जिनकी रचनाएँ मानवता की गहरी भावनाओं और संस्कृति के श्रेष्ठ आदर्शों को उजागर करती हैं।




वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी टैगोर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह दिन बंगाली भाषा, संस्कृति और विरासत के पुनर्जन्म का उत्सव है। उन्होंने टैगोर के जीवन दर्शन को दैनिक जीवन के लिए मार्गदर्शक प्रकाश बताया और उन्हें विश्वविख्यात कवि के रूप में नमन किया। नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुब्रत/सुवेन्दु अधिकारी ने भी टैगोर को याद करते हुए कहा कि उनकी अमर रचनाएँ, मानवतावादी दर्शन और राष्ट्रप्रेम सदैव समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

टैगोर की जयंती के इस अवसर ने एक ओर जहां सांस्कृतिक एकता और बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित किया, वहीं दूसरी ओर बंगाल की बदलती राजनीतिक तस्वीर के बीच उनके सार्वभौमिक मानवतावाद के संदेश को और अधिक प्रासंगिक बना दिया।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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