ISI की साजिश या राजनीतिक चाल? डीजीपी और मुख्यमंत्री के बयानों ने छेड़ी नई बहस
जालंधर और अमृतसर में हुए दोहरे धमाकों के बाद पंजाब पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और डीजीपी ने इसमें सीमा पार से आतंकी साजिश की आशंका जताई है।

पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों के बाद चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए घटनाक्रम और जांच की जानकारी दे रहे हैं।
Amritsar Jalandhar blast ISI conspiracy : पंजाब की सरजमीं एक बार फिर बारूदी गंध और अनसुलझी साजिशों के साये में है। जालंधर और अमृतसर के महत्वपूर्ण सैन्य व सुरक्षा प्रतिष्ठानों के पास हुए दो लगातार धमाकों ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सीमा पार से होने वाली घुसपैठ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार की रात करीब 10:50 बजे अमृतसर के खासा आर्मी कैंप की चारदीवारी के पास हुए कम तीव्रता वाले विस्फोट ने उस समय सनसनी फैला दी, जब इससे ठीक दो घंटे पहले जालंधर स्थित बीएसएफ मुख्यालय के पास भी इसी तरह की घटना दर्ज की गई थी। इन घटनाओं ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है, बल्कि पंजाब की राजनीति में एक ऐसा भूचाल ला दिया है जहां आरोप-प्रत्यारोप की कड़ियाँ सरहद पार से लेकर चुनावी बिसात तक जा पहुंची हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने स्वयं अमृतसर के प्रभावित सैन्य क्षेत्र का मुआयना किया और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा चिंताओं पर विस्तृत चर्चा की। डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक बेहद सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि ये धमाके महज इत्तेफाक नहीं, बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा रची गई एक गहरी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ और 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' की बरसी से पहले राज्य की शांति भंग करने के लिए सीमा पार से यह 'प्रॉक्सी वॉर' छेड़ा जा रहा है। हालांकि, किसी भी आतंकी समूह ने अभी तक इसकी आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन डीजीपी ने तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर सीधे तौर पर आईएसआई की ओर इशारा किया है।
इस पूरे मामले ने उस समय एक नया मोड़ ले लिया जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन धमाकों के पीछे एक अलग ही थ्योरी पेश कर दी। मुख्यमंत्री मान ने दावा किया कि ये छोटे धमाके आगामी चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तैयारियों का हिस्सा हैं। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा जहां भी चुनाव लड़ती है, वहां दंगों और धमाकों के जरिए ध्रुवीकरण की कोशिश करती है। मुख्यमंत्री के इस बयान ने केंद्रीय नेतृत्व को नाराज कर दिया, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पलटवार करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। पुरी ने तर्क दिया कि जब राज्य का अपना डीजीपी आईएसआई के हाथ होने की बात कह रहा है, तब मुख्यमंत्री द्वारा इसे राजनीतिक रंग देना राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
कानूनी मोर्चे पर, पंजाब पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और बीएसएफ के बम निरोधक दस्ते के साथ मिलकर वैज्ञानिक जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा नेता राघव चड्ढा ने मुख्यमंत्री के बयान की कड़ी निंदा करते हुए सवाल उठाया कि आखिर मान सरकार आईएसआई को 'क्लीन चिट' देने पर क्यों तुली है। जैसे-जैसे जांच की परतें खुल रही हैं, पंजाब में सुरक्षा बनाम सियासत की यह जंग और तेज होती जा रही है। इन धमाकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब न केवल भौगोलिक रूप से एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है, बल्कि यह वैचारिक और राजनीतिक टकराव का भी एक जटिल केंद्र बना हुआ है, जहां शांति बनाए रखना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
