राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 29 अक्टूबर 2025 को हरियाणा के अंबाला वायुसेना स्टेशन से राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भर इतिहास रच दिया। यह भारत की पहली राष्ट्रपति हैं जिन्होंने राफेल विमान से उड़ान भरी, जो भारतीय वायुसेना का सबसे उन्नत और आधुनिक लड़ाकू विमान माना जाता है। इस उड़ान से राष्ट्रपति ने भारतीय वायुसेना की शक्ति, आधुनिकता और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं को दर्शाया।


राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल विमान है, जिसमें नवीनतम हथियार प्रणालियां और तकनीकी विशेषताएं हैं। यह विमान ऑपरेशन सिंदूर में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमलों के दौरान प्रयोग किया गया था, जिसने इसकी घातक क्षमता सिद्ध की। राफेल को सितंबर 2020 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था और अंबाला वायुसेना स्टेशन इसमें प्रमुख केंद्र है।


इस उड़ान ने न केवल राष्ट्रपति के साहस और नेतृत्व कौशल को दर्शाया, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका को भी सशक्त किया। पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल भी लड़ाकू विमानों में उड़ान भर चुके हैं, लेकिन द्रौपदी मुर्मू की राफेल उड़ान इस क्षेत्र में नई ऊंचाइयां स्थापित करती है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पहली बार राफेल विमान में लगभग 30 मिनट की उड़ान भरी। इस दौरान उन्होंने वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और पायलटों के साथ विमान की क्षमताओं और उड़ान सुरक्षा प्रक्रियाओं पर चर्चा की। इससे पहले, 8 अप्रैल 2023 को उन्होंने असम के तेजपुर वायुसेना क्षेत्र से सुखोई-30 एमकेआई विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वे लड़ाकू विमान में उड़ान भरने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति बनीं।


रक्षा विशेषज्ञ इसे भारत के लिए गर्व का विषय मानते हैं क्योंकि यह वायुसेना की क्षमता और तकनीकी प्रगति की पुष्टि करता है। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत के रक्षा उपकरण निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है। दसॉल्ट एविएशन भारत में राफेल जेट के असेंबली लाइन स्थापित करने की योजनाओं पर भी काम कर रही है, जिससे भारत जल्द ही 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का उत्पादन करने वाला पहला देश बन सकता है।


राष्ट्रपति मुर्मू की यह उड़ान सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आदिवासी समुदाय से आने वाली वे देश की पहली राष्ट्रपति हैं और उनका यह साहसिक कदम युवाओं, खासकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। उनका नेतृत्व आधुनिक भारत में समानता और सामर्थ्य का प्रबल उदाहरण पेश करता है।



Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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