राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संदेश: शिक्षा केवल आजीविका नहीं; समाज और राष्ट्र की सेवा का भी साधन है
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कहा कि शिक्षा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का माध्यम है। उन्होंने युवाओं को जिम्मेदारी, नैतिकता और निस्वार्थ सेवा के महत्व पर जोर देते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पंजाब के अमृतसर स्थित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उपस्थित हुईं और युवाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि औपचारिक शिक्षा पूरी करने के बाद छात्र अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी यात्रा शुरू करेंगे। कुछ सरकारी या निजी क्षेत्र में सेवा करेंगे, कुछ उच्च शिक्षा या अनुसंधान की दिशा में बढ़ेंगे, तो कुछ अपना व्यवसाय स्थापित करेंगे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने युवाओं को उन गुणों की ओर ध्यान दिलाया, जो किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए अनिवार्य हैं। इनमें शामिल हैं सीखने की निरंतर इच्छा, विपरीत परिस्थितियों में नैतिक मूल्यों और सत्यनिष्ठा का पालन, परिवर्तन को अपनाने का साहस, असफलताओं से सीखने की क्षमता, टीम वर्क और सहयोग की भावना, संसाधनों का अनुशासित उपयोग और ज्ञान का समाज तथा राष्ट्र हित में उपयोग। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये गुण न केवल पेशेवर जीवन में बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनने में भी सहायक हैं।
राष्ट्रपति ने कहा, “शिक्षा केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का भी माध्यम है। जिस समाज ने हमें शिक्षा दी, उसके प्रति हम ऋणी हैं। विकास की राह में पिछड़े लोगों के उत्थान में योगदान देना इस ऋण को चुकाने का तरीका हो सकता है।” उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से आग्रह किया कि वे अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा दें, उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करें और सामाजिक रूप से प्रासंगिक नवाचारों को प्रोत्साहित करें।
उन्होंने मादक द्रव्यों के सेवन की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की, जो युवाओं और समाज को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालयों और शिक्षा संस्थानों से कहा कि वे युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन दें और उनके शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक विकास में सहायक हों।
राष्ट्रपति ने भविष्य की दृष्टि से कहा कि अगले दो दशक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए निर्णायक होंगे। देश का भविष्य उन युवाओं पर निर्भर करता है, जो वैज्ञानिक सोच के साथ जिम्मेदारी से कार्य करें और निस्वार्थ भाव से सेवा में लगे रहें। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने चुने हुए पेशे में राष्ट्र की प्रगति और मानवीय मूल्यों के सुदृढ़ीकरण में योगदान दें।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
