राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया विदेशी राजदूतों का स्वागत ; भारत की कूटनीति में महत्वपूर्ण कदम
भारत के राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने ईरान, ब्रुनेई दारुस्सलाम और माइक्रोनेशिया के राजदूतों से उनके प्रत्यायन पत्र स्वीकार किए, जो भारत और इन देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने का प्रतीक हैं।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू
भारत के राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज (15 दिसंबर 2025) राष्ट्रपति भवन में एक विशेष समारोह में ईरान, ब्रुनेई दारुस्सलाम और माइक्रोनेशिया के राजदूतों से उनके प्रत्यायन पत्र स्वीकार किए। यह औपचारिक प्रक्रिया भारत और इन देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने का प्रतीक है। प्रत्यक्षदर्शियों और कूटनीतिक समुदाय के सामने आयोजित इस समारोह में राष्ट्रपति भवन की शाही वेशभूषा और गरिमा ने आयोजन को विशेष बना दिया।
प्रत्यायन पत्र, जिसे डिप्लोमैटिक अक्रीडिटेशन भी कहा जाता है, किसी भी विदेशी राजदूत द्वारा अपने देश के सर्वोच्च प्रतिनिधि के समक्ष पेश किया जाने वाला औपचारिक दस्तावेज होता है। यह पत्र इस बात की पुष्टि करता है कि राजदूत को भारत में अपने देश का आधिकारिक प्रतिनिधि होने का अधिकार प्राप्त है और वह भारत के साथ अपने देश के संबंधों को स्थापित तथा सुदृढ़ करने का कार्य करेगा।
ईरान, ब्रुनेई दारुस्सलाम और माइक्रोनेशिया के राजदूतों ने राष्ट्रपति को उनके प्रत्यायन पत्र सौंपते समय अपने देशों और भारत के बीच मित्रवत संबंधों की दिशा में सहयोग और संवाद की भावना को दोहराया। इस अवसर पर भारत और इन देशों के बीच पहले से मौजूद कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों को और व्यापक बनाने के महत्व पर जोर दिया गया।
कूटनीतिक प्रक्रिया के अनुसार, किसी भी राजदूत का प्रत्यायन पत्र स्वीकार करना दो देशों के बीच अधिकारिक और संवैधानिक मान्यता का संकेत है। इसके तहत राजदूत को भारत में अपने देशों के हितों का प्रतिनिधित्व करने का पूर्ण अधिकार मिलता है। यह प्रक्रिया भारत के अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक ढांचे में पारदर्शिता और औपचारिकता बनाए रखने के लिए अनिवार्य मानी जाती है।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने इस अवसर पर राजदूतों के साथ सौहार्दपूर्ण संवाद करते हुए कहा कि भारत हमेशा मित्र देशों के साथ सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देता है। उन्होंने तीनों देशों के राजदूतों को भारत में स्वागत किया और दोनों पक्षों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
इस समारोह की विशेषता यह रही कि यह केवल एक औपचारिक कूटनीतिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि यह भारत और विश्व के अन्य देशों के बीच आपसी विश्वास, सम्मान और सहयोग का प्रतीक भी था। ईरान, ब्रुनेई दारुस्सलाम और माइक्रोनेशिया के राजदूतों द्वारा सौंपे गए प्रत्यायन पत्र भारत के लिए नए द्वार खोलते हैं, जिससे व्यापार, सांस्कृतिक और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं और भी मजबूत होंगी। इस प्रकार, राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह समारोह भारतीय कूटनीति की गहरी समझ और विश्व समुदाय के साथ स्थिर संबंधों के प्रति प्रतिबद्धता का जीता-जागता उदाहरण बन गया।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
