स्वतंत्रता दिवस पर PR24x7 का अभियान ‘हर कहानी को एक आवाज़ चाहिए’, अनसुनी आवाजों को मंच
PR24x7 ने स्वतंत्रता दिवस पर ‘हर कहानी को एक आवाज़ चाहिए’ अभियान शुरू किया, जो अनसुनी भारतीय कहानियों को मंच और पहचान देने पर केंद्रित है।

तस्वीर में PR24x7 के स्वतंत्रता दिवस अभियान 'हर कहानी को एक आवाज़ चाहिए' का पोस्टर दिख रहा है, जिस पर किसान, शिक्षक, उद्यमी और नर्स के चित्रों के साथ तिरंगा और एक पेन बना हुआ है।
प्रमुख जनसंपर्क एजेंसी PR24x7 ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपनी अभियान फिल्म “हर कहानी को एक आवाज़ चाहिए” (Har Kahani Ko Ek Awaaz Chahiye — Every Story Deserves a Voice) लॉन्च की है। यह अभियान उन आम भारतीयों की कहानियों को सामने लाने का प्रयास है, जिनकी आवाज़ सुने जाने की हकदार है और जिनका शांत व निरंतर योगदान देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अभियान फिल्म में शिक्षकों, किसानों, नर्सों, उद्यमियों और वैज्ञानिकों के साथ उन आम भारतीयों को सम्मानित किया गया है, जो अपने स्तर पर बदलाव ला रहे हैं। इन लोगों का योगदान महत्वपूर्ण होने के बावजूद उन्हें अक्सर अपनी बात रखने के लिए उचित मंच नहीं मिल पाता।
फिल्म का समापन एक प्रभावशाली दृश्य के साथ होता है, जिसमें कर्मचारियों द्वारा लिखी गई कहानियाँ एक साथ मिलकर तिरंगे का रूप लेती हैं। यह दृश्य इस बात का प्रतीक है कि अनगिनत अनकही कहानियों को जब आवाज़ और मंच मिलता है, तो वे मिलकर देश की व्यापक पहचान का हिस्सा बन जाती हैं।
अभियान फिल्म PR24x7 के संगठन के रूप में मूल दर्शन को भी दर्शाती है। पिछले वर्षों में PR24x7 ने अपने क्लाइंट्स की जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर ऐसे मुद्दों को सक्रिय रूप से समर्थन दिया है, जो भारत की उन आवाज़ों को पहचान और दृश्यता प्रदान करते हैं, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इनमें जमीनी स्तर पर काम करने वाले उद्यमी, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोग और फ्रंटलाइन हीरोज़ शामिल हैं, जिनका योगदान मुख्यधारा के मीडिया तक बहुत कम पहुँच पाता है।
अपनी CSR-आधारित सोच के तहत एजेंसी नियमित रूप से ऐसे व्यक्तियों और संगठनों के साथ साझेदारी करती है, जो समाज के उन वर्गों के लिए काम कर रहे हैं जिन्हें पहचान और सम्मान कम मिलता है। PR24x7 का मानना है कि अपनी कहानी दुनिया तक पहुँचाने का उचित मंच केवल कुछ चुनिंदा लोगों का अधिकार नहीं होना चाहिए।
PR24x7 के लिए राष्ट्र निर्माण केवल प्रेस रिलीज़ और मीडिया कवरेज तक सीमित नहीं है। संगठन के अनुसार, यह जिम्मेदारी के साथ कहानी कहने की शक्ति का इस्तेमाल करते हुए उन आवाज़ों को सम्मान, पहचान और मंच देने से जुड़ा है, जिन्हें सुना जाना चाहिए।
अभियान के लॉन्च पर PR24x7 की CEO नेहा गौर और टीम ने कहा, “एक PR संगठन के रूप में हम एक ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर हैं, जहाँ हमारे पास लोगों को पहचान दिलाने के लिए मंच और पहुँच दोनों हैं, और इसके साथ एक जिम्मेदारी भी आती है। पिछले वर्षों में हमने अपनी संस्कृति का हिस्सा बनाया है कि अपने मंच का इस्तेमाल केवल व्यवसाय के लिए ही नहीं, बल्कि अनसुनी आवाज़ों को समर्थन देने, सार्थक मुद्दों के साथ खड़े होने और उन आम बदलाव लाने वालों का साथ देने के लिए भी किया जाए, जिन्हें अक्सर उनका उचित सम्मान नहीं मिल पाता।”
उन्होंने कहा, “इस स्वतंत्रता दिवस की फिल्म उसी प्रतिबद्धता का विस्तार है — यह याद दिलाने की एक कोशिश है कि हम जिस भी कहानी को आवाज़ देने में मदद करते हैं, वह किसी न किसी रूप में देश को मजबूत करने वाली कहानी है।”
“हर कहानी को एक आवाज़ चाहिए” के माध्यम से PR24x7 अपने ब्रांड वादे को दोहराता है—“उन कहानियों को आवाज़ देना, जिन्हें याद रखा जाना चाहिए।”
पूरे अगस्त महीने तक चलने वाली इस पहल के तहत PR24x7 लोगों को अपने आसपास मौजूद ऐसे व्यक्तियों की कहानियाँ सामने लाने के लिए आमंत्रित कर रहा है, चाहे वह कोई शिक्षक हो, किसान हो, स्वास्थ्यकर्मी हो, उद्यमी हो या कोई ऐसा व्यक्ति जिसका काम व्यापक पहचान का हकदार है।
इन कहानियों को मीडिया तक पहुँचाने और उस दर्शक वर्ग तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा, जिसके सामने इनकी कहानी वास्तव में पहुँचनी चाहिए। अभियान फिल्म PR24x7 के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर लाइव है।

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