रायबरेली में कांग्रेस बैठक पर सियासी ड्रामा, विधायक ने छोड़ी मीटिंग
कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों अपने दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे हैं। यहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं। इसी बीच उन्होंने दिशा की बैठक में हिस्सा लिया, लेकिन इस बैठक में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई जब सपा के बागी विधायक मनोज पाण्डेय ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। उनके इस कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों अपने दो दिवसीय राहुल गांधी रायबरेली दौरा पर हैं। रायबरेली कांग्रेस का पारंपरिक गढ़ रहा है और यहां उनके कार्यक्रमों को लेकर सियासी हलचल तेज है। ऊंचाहार में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात करने के बाद राहुल गांधी दिशा की बैठक में पहुंचे। बैठक स्थल पर उनका स्वागत जिलाधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने किया।
इस अहम बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह, सपा से निष्कासित विधायक मनोज पांडेय और रायबरेली की विधायक अदिति सिंह भी मौजूद थीं। इसी बैठक में अचानक सियासी ड्रामा देखने को मिला जब सपा के बागी विधायक मनोज पांडेय ने राहुल गांधी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग रख दी।
बैठक में टकराव और बहिष्कार :
दिशा की बैठक शुरू होते ही मनोज पांडेय ने पीएम मोदी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी का मुद्दा उठाते हुए निंदा प्रस्ताव रखा। उन्होंने साफ कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते अपने बयान पर खेद जताना चाहिए। लेकिन राहुल गांधी ने इस मांग को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद नाराज़ मनोज पांडेय ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और बाहर आकर पत्रकारों से खुलकर अपनी बात रखी।
मनोज पांडेय का आरोप :
पत्रकारों से बातचीत में विधायक मनोज पांडेय ने कहा कि राहुल गांधी लगातार सर्वोच्च न्यायालय, चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस एजेंसी से राहुल गांधी ने वोटरों का सर्वे कराया था, उसने खुद सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। ऐसे में राहुल गांधी का रुख ठीक नहीं है। इसके साथ ही पांडेय ने सवाल उठाया कि आखिर राहुल गांधी ने रायबरेली और ऊंचाहार क्षेत्र में कौन-कौन से ठोस विकास कार्य किए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रधानमंत्री का अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
योगी सरकार के मंत्री भी हमलावर :
इससे पहले बुधवार को भी राहुल गांधी के बयान पर विवाद खड़ा हुआ था। योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी का काफिला रोकने की कोशिश की थी और धरने पर बैठ गए थे। इसके अलावा उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को पत्र लिखकर कांग्रेस नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी।
जनता दरबार में सुनीं समस्याएं :
अपने राहुल गांधी रायबरेली दौरा के दौरान कांग्रेस सांसद ने ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी गेस्ट हाउस में जनता दरबार लगाया। यहां उन्होंने स्थानीय नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इसी दौरान एक दिव्यांग अपने भाई की पीठ पर लदकर उनसे मिलने पहुंचा और ट्राइसाइकिल की मांग की। राहुल गांधी ने उससे संवाद किया और आश्वासन दिया। जनता दरबार में व्यापारी संगठन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल भी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचा।
बढ़ता सियासी टकराव :
राहुल गांधी के इस दौरे ने रायबरेली की राजनीति को गरमा दिया है। एक तरफ उनके कार्यक्रमों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा और सपा के बागी नेता उन्हें घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। बैठक से मनोज पांडेय का बहिष्कार इस बात का संकेत है कि आगामी समय में रायबरेली की राजनीति और भी तेज होने वाली है। इस तरह, राहुल गांधी रायबरेली दौरा केवल कांग्रेस के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे यूपी की सियासत के लिए अहम बन गया है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
