चुनावी घमासान के बीच पश्चिम बंगाल में PM Modi का अनोखा अंदाज; रैलियों के बाद सड़क किनारे लिया 'झालमुड़ी' का स्वाद
पश्चिम बंगाल के झारग्राम में रैलियों के बाद पीएम मोदी ने सड़क किनारे रुककर 'झालमुड़ी' का स्वाद लिया। दुकानदार से की बातचीत और वायरल वीडियो पर गरमाई राजनीति।

पश्चिम बंगाल के झारग्राम में चुनावी रैलियों के बाद सड़क किनारे स्टॉल पर झालमुड़ी का स्वाद लेते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। Image generated by AI for illustrative purposes.
PM Modi in Jhargram West Bengal : पश्चिम बंगाल के सियासी रणक्षेत्र में लगातार चार रैलियों को संबोधित करने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ऐसा दिलचस्प और अनपेक्षित अंदाज सामने आया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जंगलमहल क्षेत्र के झारग्राम में प्रधानमंत्री का काफिला अचानक एक सड़क किनारे लगी छोटी सी स्नैक स्टॉल पर रुक गया, जहां उन्होंने एक आम नागरिक की तरह मशहूर बंगाली व्यंजन 'झालमुड़ी' का लुत्फ उठाया। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को हैरत में डाल दिया, बल्कि चुनावी माहौल की गरमाहट के बीच एक सुकून भरा दृश्य भी पेश किया।
झारग्राम की व्यस्त सड़कों के किनारे झालमुड़ी बेचने वाले विक्रम शॉ के लिए वह क्षण किसी सुनहरे सपने के सच होने जैसा था, जब देश के प्रधानमंत्री खुद उनकी दुकान पर चलकर आए। प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्कुराते हुए विक्रम से सबसे बेहतरीन झालमुड़ी बनाने की फरमाइश की और इस दौरान प्याज के इस्तेमाल को लेकर एक हल्का-फुल्का मजाक भी किया, जिससे वहां मौजूद लोगों के चेहरों पर मुस्कान आ गई। विक्रम ने अपने इस अनुभव को अविश्वसनीय बताते हुए साझा किया कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि प्रधानमंत्री उनके साधारण से स्टॉल के ग्राहक बनेंगे। मोदी ने झालमुड़ी के कई पैकेट खरीदे, उन्हें अपने साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों और नेताओं के साथ साझा किया। सबसे खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री ने एक आम खरीदार की तरह दुकानदार को नकद भुगतान किया और विनम्रतापूर्वक बाकी बचे पैसे (चेंज) भी वापस लिए।
इस पूरी घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक गलियारों में इस पर बहस छिड़ गई। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थकों ने प्रधानमंत्री के इस जमीनी जुड़ाव, सादगी और आम जनता के साथ उनके सहज व्यवहार की जमकर तारीफ की, तो वहीं दूसरी ओर राजनीतिक विरोधियों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। आलोचकों ने इसे महज एक सियासी स्टंट करार देते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विपक्ष के नेताओं की जनसंपर्क शैली की नकल करने का प्रयास कर रहे हैं। यह दिलचस्प राजनीतिक वाकया ऐसे संवेदनशील समय में सामने आया है, जब 2026 के महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों को लेकर पश्चिम बंगाल में भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच वर्चस्व की जंग अपने चरम पर पहुंच चुकी है।
चुनावी सरगर्मियों और तीखे राजनीतिक बयानों के इस दौर में, झारग्राम की सड़क पर झालमुड़ी खाते प्रधानमंत्री की यह तस्वीर राजनीतिक विमर्श में एक नया रंग घोल गई है। यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आगामी चुनावों में जनता से सीधे जुड़ने के लिए राजनीतिक दल किस हद तक जनसंपर्क के हर छोटे-बड़े अवसर को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। चाहे इसे सादगी माना जाए या सोची-समझी चुनावी रणनीति, यह स्पष्ट है कि बंगाल के रण में जनता के दिलों तक पहुंचने के लिए नेताओं की यह जद्दोजहद आने वाले सियासी समीकरणों को गहराई से प्रभावित करेगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
