पीएम मोदी ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को दी भावभीनी श्रद्धांजलि और कही ये बात...
प्रधानमंत्री ने महापरिनिर्वाण दिवस पर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उनके न्याय, समानता और संविधानिक मूल्यों के प्रति अटूट योगदान को याद किया और विकसित भारत की दिशा में उनके आदर्शों के महत्व को रेखांकित किया।

डॉ. अंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस
देशभर में आज महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने डॉ. अंबेडकर की न्याय, समानता और संविधानिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को याद करते हुए कहा कि उनका आदर्श आज भी भारत की राष्ट्रीय यात्रा को मार्गदर्शन प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बताया कि डॉ. अंबेडकर का जीवन और उनके विचार पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानव गरिमा की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए अंबेडकर का योगदान अविस्मरणीय है। उनका दृष्टिकोण न केवल समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों को समान अवसर प्रदान करने के लिए मार्गदर्शक रहा है, बल्कि संविधान निर्माण में भी उनका योगदान आज भी कानूनी और सामाजिक ढांचे में स्पष्ट रूप से झलकता है।
"महापरिनिर्वाण दिवस पर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को याद करते हुए। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और न्याय, समानता व संविधानिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता आज भी हमारी राष्ट्रीय यात्रा को मार्गदर्शन देती है।"
Remembering Dr. Babasaheb Ambedkar on Mahaparinirvan Diwas. His visionary leadership and unwavering commitment to justice, equality and constitutionalism continue to guide our national journey. He inspired generations to uphold human dignity and strengthen democratic values.
— Narendra Modi (@narendramodi) December 6, 2025
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डॉ. अंबेडकर ने भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज के वंचित वर्गों के लिए समानता और अवसर सुनिश्चित करने में अपनी दूरदर्शिता का परिचय दिया। महापरिनिर्वाण दिवस उनके योगदान को याद करने और उनके विचारों को समाज में पुनर्जीवित करने का अवसर भी है।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर यह भरोसा व्यक्त किया कि डॉ. अंबेडकर के आदर्श भविष्य में भी भारत के मार्गदर्शन के रूप में कार्य करेंगे। देश के विकास और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को सुदृढ़ बनाने में उनका विचारशील दृष्टिकोण निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठन डॉ. अंबेडकर के विचारों और उनके द्वारा प्रतिपादित न्याय, समानता और मानव अधिकारों के सिद्धांतों को याद करते हुए कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। यह दिवस न केवल उनके व्यक्तित्व और कार्यों का सम्मान है, बल्कि यह समाज में समानता और न्याय की भावना को पुनः जागृत करने का माध्यम भी है।
प्रधानमंत्री के इस संदेश ने एक बार फिर देशवासियों को यह याद दिलाया कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर केवल एक कानूनी और राजनीतिक विचारक नहीं थे, बल्कि समाज सुधारक, मानवाधिकारों के पैरोकार और लोकतंत्र के संरक्षक थे। उनके आदर्श और विचार आज भी भारतीय समाज और राजनीति में नई दिशा और प्रेरणा का स्रोत हैं।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
