प्रधानमंत्री मोदी मिज़ोरम दौरे पर, 9,000 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास
प्रधानमंत्री 13 सितंबर को मिज़ोरम के आइजोल दौरे पर होंगे और 9,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।

मालीगांव। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितम्बर को मिज़ोरम की राजधानी आइजोल का दौरा करेंगे। इस अवसर पर वे राज्य में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, समर्पण और शिलान्यास करेंगे, जिनकी कुल लागत 9,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
इन परियोजनाओं में बइरबी–सायरंग नई रेललाइन, 45 किलोमीटर लंबा आइजोल बाईपास सड़क (पश्चिमी दिशा), थेनज़ोल–सियालसुक सड़क, खानकाउन–रोंगुरा सड़क, और आईओसीएल द्वारा मुअलखांग में 30 टीएमटीपीए एलपीजी बॉटलिंग प्लांट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री लवंगतलाई–सियाहा मार्ग पर छिमतुईपुई नदी पर पुल का शिलान्यास भी करेंगे। यह पुल कलादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट ढांचे के तहत सीमा पार व्यापार को सशक्त बनाने में मदद करेगा।
प्रधानमंत्री खेलो इंडिया बहुउद्देशीय इंडोर हॉल का भी शिलान्यास करेंगे, ताकि युवाओं और खेलों को बढ़ावा मिल सके।
बइरबी–सायरंग रेलवे लाइन: पूर्वोत्तर के लिए बड़ा मील का पत्थर
प्रधानमंत्री मोदी नवनिर्मित बइरबी–सायरंग रेलवे लाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह परियोजना भारत सरकार की “एक्ट ईस्ट नीति” के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर आइजोल (सायरंग) और अन्य प्रमुख शहरों के बीच तीन लंबी दूरी की रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई जाएगी:
राजधानी एक्सप्रेस – आइज़ोल (सायरंग) और दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) के बीच
सायरंग–गुवाहाटी एक्सप्रेस
सायरंग–कोलकाता एक्सप्रेस
51.38 किलोमीटर लंबी ब्रॉड गेज रेललाइन लगभग ₹8,070 करोड़ की लागत से निर्मित की गई है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में बनी इस लाइन में 45 सुरंगें, 55 बड़े पुल, 88 छोटे पुल और 10 आरओबी/आरयूबी शामिल हैं।
इस नई रेललाइन का लगभग 54% हिस्सा सुरंगों और पुलों से होकर गुजरता है। इनमें पुल संख्या 144 विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसकी पिलर ऊँचाई 114 मीटर है, जो कुतुब मीनार से 42 मीटर अधिक है।
नई परियोजना के तहत हरतकी, कॉनपुई, मुअलखांग और सायरंग में चार नए स्टेशन बनाए गए हैं, जो आइजोल और कोलासिब जिलों की बस्तियों को जोड़ेंगे।
आइजोल को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से पहली बार जोड़ने वाली परियोजना
नई रेललाइन असम–मिज़ोरम सीमा पर स्थित बइरबी से सायरंग तक रेल संपर्क प्रदान करती है। इस परियोजना से मिज़ोरम की राजधानी पहली बार राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से सीधा जुड़ गई है। आइजोल अब पूर्वोत्तर की चौथी राजधानी बन गई है जिसे गुवाहाटी, अगरतला और ईटानगर के बाद रेल संपर्क प्राप्त हुआ है।
इस नई कनेक्टिविटी से यात्रियों और माल ढुलाई की प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय होगी, जिससे क्षेत्र में लॉजिस्टिक और यात्रा के तरीके में बदलाव आएगा।
आर्थिक और सामाजिक विकास में सहायक
बइरबी–सायरंग रेललाइन परियोजना पूर्वोत्तर के लिए समावेशी विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। इसके जरिए:
लॉजिस्टिक लागत में कमी
किसानों और उद्यमियों के लिए बाजार पहुँच में सुधार
चिकित्सा, शिक्षा, व्यापार, पर्यटन और उद्योग में नए अवसर
सृजित होंगे। यह परियोजना मिज़ोरम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के आर्थिक विकास और समृद्धि को बढ़ावा देगी।
इस प्रकार प्रधानमंत्री मोदी का दौरा मिज़ोरम में बुनियादी ढांचा, रेल, सड़क और खेल के क्षेत्र में कई अहम परियोजनाओं को गति देने वाला साबित होगा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
