पीएम मोदी को स्वीडन का सर्वोच्च नागरिक सम्मान; द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन के 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' से सम्मानित किया गया, रक्षा और तकनीक सहयोग पर दोनों देशों के बीच अहम सहमति बनी।

स्वीडन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रतिष्ठित 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान प्रदान किया गया।
PM Modi Sweden Visit Gripen Jet Escort : भारत और स्वीडन के बीच कूटनीतिक संबंधों की एक नई और भव्य पटकथा आज स्वीडन के आकाश में उस समय लिखी गई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान ने स्वीडिश हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया। प्रधानमंत्री के स्वागत में स्वीडन ने अपनी सैन्य शक्ति और सम्मान का परिचय देते हुए 'ग्रिपेन' लड़ाकू विमानों का एक सुरक्षा घेरा (एस्कॉर्ट) तैनात किया, जो गोथेनबर्ग तक पीएम मोदी के विमान के साथ उड़ान भरते रहे। अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के तीसरे पड़ाव पर पहुंचे प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल व्यापारिक दृष्टिकोण से, बल्कि रक्षा और अत्याधुनिक तकनीक के मोर्चे पर भी ऐतिहासिक माना जा रहा है। साल 2018 के बाद यह पीएम मोदी की पहली स्वीडन यात्रा है, जो यूएई और नीदरलैंड्स के सफल दौरों के ठीक बाद हो रही है।
प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में $7.75 बिलियन के मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार को अगले पांच वर्षों में दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया। दोनों नेताओं ने ग्रीन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा सहयोग, अंतरिक्ष अनुसंधान और जलवायु परिवर्तन जैसे रणनीतिक मुद्दों पर गहन चर्चा की। इस दौरान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की उपस्थिति ने इस बैठक को वैश्विक महत्व प्रदान कर दिया, जहाँ भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर भी सकारात्मक प्रगति देखी गई। व्यापारिक सुगमता को बढ़ाने के उद्देश्य से पीएम मोदी ने स्वीडन के प्रमुख सीईओ के साथ भी संवाद किया, जिसमें भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए 'नवाचार और स्थिरता' को आधार स्तंभ बताया गया।
इस आधिकारिक दौरे के बीच मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक जुड़ाव की एक अद्भुत तस्वीर तब दिखी जब गोथेनबर्ग में भारतीय प्रवासियों ने प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया। पारंपरिक बंगाली नृत्य और वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों ने स्वीडन की धरती पर लघु भारत का दृश्य उपस्थित कर दिया। विशेष बात यह रही कि प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन ने भी इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर भारत-स्वीडन के प्रगाढ़ होते जन-संबंधों पर मुहर लगा दी। इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' से सम्मानित किया गया, जो भारत की वैश्विक साख और दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री की यह स्वीडन यात्रा रक्षा और नवाचार के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को वैश्विक मंच पर मजबूती प्रदान करने वाली साबित होगी। विमानों के सैन्य एस्कॉर्ट से लेकर द्विपक्षीय व्यापार के नए लक्ष्यों तक, यह दौरा स्पष्ट करता है कि भारत अब नॉर्डिक देशों के साथ केवल व्यापारिक भागीदार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक सहयोगी के रूप में खड़ा है। जैसे-जैसे वैश्विक राजनीति के समीकरण बदल रहे हैं, भारत और स्वीडन के बीच की यह 'रणनीतिक साझेदारी' आने वाले दशकों में तकनीक और स्थिरता के क्षेत्र में दुनिया को एक नई दिशा देने की क्षमता रखती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
