PM Modi Katwa Rally West Bengal : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के निर्णायक मोड़ पर पहुँचते ही सियासी पारा अपने चरम पर है। भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद पूर्वी बर्धमान जिले के कटवा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में उमड़े भारी जनसमर्थन ने राज्य के राजनीतिक भविष्य को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं। प्रधानमंत्री ने इस विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए न केवल तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल के शासन पर तीखा हमला बोला, बल्कि एक स्पष्ट संदेश दिया कि 4 मई के बाद बंगाल में सत्ता परिवर्तन की लहर को रोकना नामुमकिन है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में भीड़ के उत्साह को देखकर यहाँ तक कह दिया कि उन्होंने अपने गृह राज्य गुजरात में भी रैलियों के दौरान कभी ऐसा अभूतपूर्व जनसैलाब नहीं देखा, जो बंगाल की जनता के बदलाव की आकांक्षा को दर्शाता है।

अपने आक्रामक चुनावी अभियान के दौरान प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी सरकार पर गिरोहबाजी, जबरन वसूली और राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं और किसानों के साथ पिछले डेढ़ दशक में केवल वादे किए गए, लेकिन उन्हें धरातल पर कभी उतारा नहीं गया। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए पीएम मोदी ने घोषणा की कि यदि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो पिछले 15 वर्षों के शासनकाल में हुए कथित घोटालों और भ्रष्टाचार की जांच के लिए एक 'श्वेत पत्र' (White Paper) जारी किया जाएगा। यह कदम न केवल पिछली सरकार की जवाबदेही तय करेगा, बल्कि जनता के सामने लूट का पूरा खाका भी पेश करेगा।

प्रधानमंत्री ने लोक कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी कई महत्वपूर्ण वादे किए। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही 'आयुष्मान भारत योजना' को लागू करने का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया जाएगा, ताकि बंगाल के गरीब नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सके। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के संवेदनशील मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिया कि नई सरकार उन लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करेगी जिन्होंने घुसपैठियों को फर्जी पहचान पत्र बनवाकर राज्य में बसने में मदद की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विशिष्ट समुदायों के लिए नागरिकता लाभ और युवाओं के लिए रोजगार का सृजन उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

जैसे-जैसे 23 और 29 अप्रैल की मतदान तिथियाँ नजदीक आ रही हैं, कटवा की यह रैली भाजपा के अभियान को एक नई संजीवनी प्रदान करती दिख रही है। जहाँ प्रधानमंत्री 4 मई को आने वाले परिणामों के साथ 'बड़ा परिवर्तन' देखने का दावा कर रहे हैं, वहीं टीएमसी इन आयोजनों को केवल एक 'दिखावा' बताकर खारिज कर रही है। अब सबकी निगाहें राज्य की 294 सीटों पर टिकी हैं, जहाँ होने वाला यह चुनावी दंगल न केवल बंगाल की सत्ता तय करेगा, बल्कि भारतीय राजनीति की भविष्य की दिशा भी निर्धारित करेगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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