भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम-कुसुम योजना ने ऊर्जा क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। योजना के तहत नवंबर 2025 तक कुल 10,203 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाएं इंस्टॉल की जा चुकी हैं, जबकि लाभार्थियों को कुल ₹7,106 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश के किसानों और कृषि समुदाय के लिए अक्षय ऊर्जा के माध्यम से आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता कितनी मजबूत है।

पीएम-कुसुम योजना एक डिमांड-ड्रिवन स्कीम है, जिसमें राज्यों द्वारा भेजी गई मांग और उनकी प्रगति के आधार पर क्षमता आवंटित की जाती है। इस योजना में किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), जल उपयोगकर्ता संघों (WUA), और प्राथमिक कृषि क्रेडिट सोसाइटीज़ (PACS) को भागीदारी का अवसर मिलता है। योजना का यह ढांचा किसानों को न केवल ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाता है बल्कि उनकी आय बढ़ाने में भी सहायक साबित होता है।

देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इस योजना का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन किया जा रहा है। राज्य क्रियान्वयन एजेंसियों (SIAs) के अनुसार, प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की स्थापना प्रगति का विवरण Annexure I में उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा, योजना के लाभार्थियों की संख्या, जिसमें किसान उत्पादक संगठन (FPOs) शामिल हैं, Annexure II में सूचीबद्ध है।

सार्वजनिक और कानूनी दृष्टिकोण से देखें तो, पीएम-कुसुम योजना सरकार की ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता और हरित ऊर्जा लक्ष्य को पूरा करने की रणनीति का हिस्सा है। इस योजना के तहत किसानों को दी जाने वाली अनुदान राशि और वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की जाती है, जिससे वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। इसके अलावा, राज्यों को योजना के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए विशेष मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम-कुसुम योजना न केवल किसानों की आय और जीवनस्तर में सुधार लाएगी, बल्कि देश में सौर ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। इससे भारत की कार्बन उत्सर्जन कम करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में भी मदद मिलेगी।

इस योजना की सफलता यह दर्शाती है कि केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को सशक्त बनाने के साथ-साथ देश को सस्टेनेबल ऊर्जा स्रोतों की दिशा में अग्रसर कर रही हैं। भविष्य में योजना की और विस्तारित रूप से क्रियान्वयन से देश का कृषि और ऊर्जा क्षेत्र नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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