आसमान में दफन हो गई पिंकी की आखिरी हसरत; मौत से पहले पिता को किया था आखिरी फोन
बारामती प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली एयर होस्टेस पिंकी माली की भावुक दास्तान। एक टैक्सी चालक पिता की बेटी, जिसने संघर्षों से एयर होस्टेस बनने का सपना पूरा किया, उसके आखिरी शब्द थे— "पापा, आकर मिलती हूं।" अजित पवार हादसे में शहीद हुई इस जांबाज बेटी के जीवन संघर्ष और परिवार के गमगीन माहौल की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

Pinky Mali Baramati Plane Crash : नियति का प्रहार कभी-कभी इतना क्रूर होता है कि वह भविष्य के सुनहरे सपनों को पलक झपकते ही मलबे के ढेर में बदल देता है। बारामती हवाई अड्डे पर बुधवार को हुए भीषण विमान हादसे में जहाँ महाराष्ट्र ने अपने उपमुख्यमंत्री अजित पवार को खोया, वहीं ठाणे के एक मध्यमवर्गीय परिवार ने अपनी उस बेटी को खो दिया जिसने आसमान छूने की जिद में गरीबी को मात दी थी। 29 वर्षीय क्रू मेंबर पिंकी माली, जो उस बदकिस्मत 'लेयरजेट 45' में सवार थीं, उनके आखिरी शब्द अब उनके पिता के कानों में किसी गहरे जख्म की तरह गूंज रहे हैं— "पापा, बारामती से नांदेड़ जाऊंगी, वहां से लौटकर आपसे मिलती हूं।"
- संघर्ष से सफलता तक का सफर: एक टैक्सी चालक की बेटी का सपना पिंकी माली की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा थी जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखते हैं। उनके पिता, जिन्होंने मुंबई की सड़कों पर टैक्सी चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण किया, बताते हैं कि पिंकी बचपन से ही कुछ अलग करना चाहती थी।
- मॉडलिंग से एयर होस्टेस तक: पिंकी पहले मॉडलिंग के क्षेत्र में जाना चाहती थी, लेकिन बाद में उसने एयर होस्टेस बनने का निर्णय लिया। पिता ने पाई-पाई जोड़कर उसे इस चुनौतीपूर्ण करियर के लिए तैयार किया।
- अनुभव और कर्तव्य: पिंकी पिछले पांच वर्षों से प्राइवेट चार्टर फ्लाइट्स में काम कर रही थी। अजित पवार के साथ यह उसकी चौथी आधिकारिक यात्रा थी, जिसे लेकर वह काफी उत्साहित थी।
- आखिरी मुलाकात: वह आखिरी बार चुनाव के दिन अपने घर ठाणे आई थी और शाम तक परिवार के साथ समय बिताया था। उसे क्या पता था कि वह अपने आंगन की आखिरी खुशियां समेट रही है।
वो आखिरी कॉल और मौत का सन्नाटा हादसे से पहले के घटनाक्रम किसी फिल्म के दुखद क्लाइमेक्स जैसे जान पड़ते हैं। पिंकी के भाई ने रूंधे गले से बताया कि मंगलवार रात 9:30 बजे उनकी बात हुई थी, लेकिन ड्यूटी की व्यस्तता के कारण पिंकी ने फोन जल्दी काट दिया। बुधवार सुबह उसने अपने पिता को फोन कर अपनी कार्ययोजना बताई थी। वह बारामती के बाद नांदेड़ जाने वाली थी, लेकिन लैंडिंग के समय हुए हादसे ने उसे घर लौटने का मौका ही नहीं दिया। आग की लपटों ने न केवल विमान को घेरा, बल्कि एक टैक्सी चालक के उस गर्व को भी भस्म कर दिया जिसने अपनी बेटी के जरिए आसमान फतह किया था।
विधिक जांच और अंतिम विदाई विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या लैंडिंग के समय क्रू और पायलट के बीच तालमेल में कोई कमी थी या तकनीकी खराबी ने उन्हें संभलने का अवसर नहीं दिया। अजित पवार के साथ ही पिंकी माली का पार्थिव शरीर भी उनके परिजनों को सौंपा जाएगा। जहाँ पूरा प्रदेश राजनीतिक शोक में डूबा है, वहीं ठाणे की तंग गलियों में एक पिता की चीखें उस व्यवस्था से सवाल पूछ रही हैं जहाँ वीआईपी सुरक्षा के बीच एक 'वर्किंग प्रोफेशनल' की जान चली गई।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
