Parliament Winter Session 2025 : देश की राजनीति एक बार फिर सर्द हवाओं के बीच तपने लगी है। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होते ही राजनीतिक टकराव, तीखे आरोपों और रणनीतिक बैठकों का माहौल तेजी से बन गया। 19 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में पंद्रह बैठकों की योजना है, और सरकार कुल चौदह नए विधेयक पेश करने की तैयारी में है। लोकसभा और राज्यसभा में सुबह 11 बजे से कार्यवाही शुरू होते ही माहौल गरमा उठा।

सत्र की शुरुआत से पहले ही दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण ने विपक्ष के नेताओं को मुखर कर दिया। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने इसे गंभीर राष्ट्रीय समस्या बताते हुए कहा कि बढ़ते AQI पर संसद में तत्काल चर्चा होनी चाहिए ताकि ठोस समाधान निकल सके। इसी बीच चुनावी सूची से जुड़े स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन—SIR—का मुद्दा विपक्ष के लिए बड़ा हथियार बनकर उभरा। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने लोकतंत्र पर खतरा बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर वे 46 लाख लोग कौन थे जिन्हें मतदाता सूची से हटाया गया।

शीतकालीन सत्र के आरंभ से ठीक पहले कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने SIR प्रक्रिया के दौरान बूथ-लेवल अधिकारियों की मौतों और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों पर रूल 267 के तहत स्थगन प्रस्ताव भी दिया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि SIR पर चर्चा न होने तक सदन नहीं चलने दिया जाएगा।

उधर, राज्यसभा में ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ पर कथित रोक का मामला भी उठा। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल करते हुए कहा कि क्या देशप्रेम के नारे लगाना अब नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने इसे ब्रिटिश काल जैसी मानसिकता करार देते हुए इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा।

सत्र की शुरुआत से ठीक पहले इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में हुई, जिसमें कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। रणनीतियों और साझा रुख पर गहन विचार-विमर्श के बाद विपक्ष ने संकेत दिया कि यह सत्र राजनीतिक संघर्षों से भरा रहने वाला है।

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद पहुंचे और पत्रकारों से बातचीत में बिहार चुनाव में रिकॉर्ड मतदान को लोकतंत्र की विजय बताया। उन्होंने विपक्ष को पराजय की हताशा से बाहर निकलने और सदन को संघर्ष का मैदान न बनाने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सत्र देश की दिशा और संसद की प्राथमिकताओं पर केंद्रित होना चाहिए और विपक्ष को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ठोस मुद्दे उठाने चाहिए।

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर दिवंगत सदस्यों, जिनमें अभिनेता और पूर्व सांसद धर्मेंद्र भी शामिल थे, को श्रद्धांजलि दी गई। स्पीकर ओम बिरला ने महिला क्रिकेट टीम, ब्लाइंड महिला क्रिकेट टीम और महिला कबड्डी टीम को उनके हालिया विश्व विजयी प्रदर्शन पर बधाई दी।

राज्यसभा में सभापति सी.पी. राधाकृष्णन का भी विशेष उल्लेख हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके सरल जीवन, किसान परिवार की पृष्ठभूमि और समाजसेवा के समर्पण की सराहना की। उन्होंने यह भी बताया कि काशी की यात्रा के दौरान राधाकृष्णन ने व्यक्तिगत रूप से नॉनवेज छोड़ने का निर्णय लिया, जिसे उन्होंने उनके आध्यात्मिक परिवर्तन का संकेत माना। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सभापति को शुभकामनाएं देते हुए निष्पक्षता बनाए रखने की सलाह दी।

सदन की कार्यवाही बाद में भारी हंगामे के कारण दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। स्पीकर ने विपक्ष को चेताया कि तख्तियां लेकर सदन की कार्यवाही बाधित करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। इस बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर मतदाता अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया और दावा किया कि संसाधनों और प्राइवेट कंपनियों के सहारे भाजपा चुनावी लाभ उठाना चाहती है।

सत्र के पहले ही दिन सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव, आरोप और तीखे बयान इस बात का संकेत दे गए कि आने वाले दिनों में संसद का माहौल और भी गर्म रहने वाला है। राष्ट्र की दिशा तय करने वाले अहम विधेयकों के बीच SIR विवाद, चुनावी आरोप और जन-मुद्दों पर टकराव इस सत्र को अत्यंत चुनौतीपूर्ण और राजनीतिक रूप से निर्णायक बना रहे हैं।

Updated On
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story