पहलगाम हमले को 1 साल हुआ पूरा ; PM मोदी और राहुल गाँधी समेत कईयों ने की श्रद्धांजलि अर्पित
पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर भारत ने 26 निर्दोष मृतकों को श्रद्धांजलि दी। 22 अप्रैल 2025 को हुए इस हमले में पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। पीएम मोदी, राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने नमन किया। देश ने सुरक्षा सख्ती और आतंकवाद विरोधी रुख को दोहराया।

पहलगाम हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए गृहमंत्री अमित शाह
22 अप्रैल 2026 को भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की पहली बरसी पर गहरी संवेदना और भावुकता के साथ 26 निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी। यह हमला हाल के वर्षों में नागरिकों पर हुए सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना जाता है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। यह दर्दनाक घटना 22 अप्रैल 2025 को उस समय हुई थी जब कुछ कथित पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठनों से जुड़े आतंकियों ने पहलगाम के बैसरन घाटी क्षेत्र में पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की।
इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। मृतकों में विभिन्न राज्यों से आए पर्यटक शामिल थे, जिससे यह हमला राष्ट्रीय स्तर पर गहरे आघात का कारण बना। रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने विशेष रूप से हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाया, हालांकि एक ईसाई पर्यटक और एक स्थानीय मुस्लिम पोनी राइड ऑपरेटर की भी इस घटना में मौत हुई थी। हमलावर M4 कार्बाइन और AK-47 जैसे हथियारों से लैस थे और उन्होंने घने जंगलों के रास्ते इलाके में प्रवेश किया था। इस हमले को भारत में 2008 मुंबई हमलों के बाद नागरिकों पर हुआ सबसे गंभीर आतंकी हमला माना गया है।
हमले की पहली बरसी पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीदों को नमन करते हुए कहा, “पहलगाम आतंकी हमले में खोई गई निर्दोष जानों को याद करते हुए मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे कभी भुलाए नहीं जाएंगे। मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं जो इस दुख को सह रहे हैं।”
Remembering the innocent lives lost in the gruesome Pahalgam terror attack on this day last year. They will never be forgotten. My thoughts are also with the bereaved families as they cope with this loss.
— Narendra Modi (@narendramodi) April 22, 2026
As a nation, we stand united in grief and resolve. India will never bow to…
वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “मैं पहलगाम हमले में शहीद हुए सभी वीरों को श्रद्धांजलि देता हूं। भारत न तो उनके बलिदान को भूलेगा और न ही दोषियों को कभी माफ करेगा।”
पहलगाम में पिछले वर्ष हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में शहीद हुए सभी वीरों को मैं भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 22, 2026
भारत उनका बलिदान और उनके परिवारों की पीड़ा को न कभी भूलेगा, और न ही इस कायराना कृत्य के दोषियों को कभी माफ करेगा।
बेरहमी से छीने गए मासूम जिंदगियों की याद आज भी…
इजरायली राजनयिक और भारत में तैनात राजदूत रुवेन अजार ने भी एक वर्ष पूरे होने पर कहा कि 26 निर्दोष लोगों की मृत्यु को याद करते हुए इज़राइल भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में खड़ा है।
One year since the tragic💔loss of 26 innocent lives in the Pahalgam Terror Attack.
— 🇮🇱 Reuven Azar (@ReuvenAzar) April 22, 2026
We remember. Israel 🇮🇱 stands with India 🇮🇳 in the fight against terror. pic.twitter.com/bg8AHyJS99
इस बीच, बरसी के अवसर पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी भारत के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए आतंकवाद की कड़ी निंदा की और भारत के आतंक विरोधी प्रयासों को समर्थन दोहराया।
हमले के बाद भारत ने आतंक के खिलाफ अपनी रणनीति को और सख्त करते हुए कथित तौर पर “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत सीमा पार आतंकी ढांचों को निशाना बनाने की कार्रवाई शुरू की। इस अभियान को आतंक के मास्टरमाइंड्स और समर्थक नेटवर्क को समाप्त करने के उद्देश्य से संचालित बताया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान भारत ने अत्यधिक संयम के साथ केवल आतंकी ठिकानों को लक्ष्य बनाकर कार्रवाई की।
हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि इसके बाद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और सीमा पार गोलाबारी की घटनाएं हुईं, जिनमें जम्मू क्षेत्र के कुछ धार्मिक स्थलों जैसे शंभू मंदिर, पुंछ स्थित गुरुद्वारा और कुछ ईसाई मिशनों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए। इन घटनाओं को भारत की एकता और सुरक्षा को प्रभावित करने के प्रयास के रूप में देखा गया, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से सीमित है।
एक वर्ष बाद भी पहलगाम हमले की यादें पीड़ित परिवारों और जीवित बचे लोगों के लिए दर्दनाक बनी हुई हैं। यह घटना न केवल सुरक्षा चुनौतियों की याद दिलाती है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सतर्कता और एकजुटता की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
