पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा; धर्मेंद्र, ममूटी और अलका याग्निक सहित 131 हस्तियाँ सम्मानित
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया गया है। इस वर्ष धर्मेंद्र (मरणोपरांत), ममूटी और अलका याग्निक सहित कला, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। देखें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री विजेताओं की पूरी सूची और जानें इस बार की खास बातें।

Republic Day Honors : गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक 'पद्म पुरस्कारों' की घोषणा कर दी है। वर्ष 2026 के लिए घोषित इन सम्मानों की सूची में कला, समाज सेवा, विज्ञान और सार्वजनिक जीवन में असाधारण योगदान देने वाली 131 विभूतियों के नाम शामिल हैं। इस बार की सूची ने न केवल सिनेमाई दिग्गजों को सम्मानित किया है, बल्कि उन गुमनाम नायकों को भी पहचान दी है जिन्होंने धरातल पर बदलाव की नींव रखी है।
सम्मानों का विवरण और आधिकारिक घोषणा कर्तव्य भवन, नई दिल्ली से जारी आधिकारिक प्रेस
विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी है। इस वर्ष की पुरस्कार तालिका में 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। सरकार ने समावेशिता पर जोर देते हुए इस सूची में 19 महिलाओं, 6 विदेशी/प्रवासी भारतीयों (NRI/PIO/OCI) और 16 मरणोपरांत प्राप्तकर्ताओं को स्थान दिया है।
प्रमुख नाम और विशिष्ट उपलब्धियाँ :
पद्म विभूषण (देश का दूसरा सर्वोच्च सम्मान): इस श्रेणी में बॉलीवुड के दिग्गज धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत) को कला के क्षेत्र में सम्मानित किया गया है। उनके साथ ही सार्वजनिक मामलों के लिए केरल के के.टी. थॉमस और वी.एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत), कला क्षेत्र से एम.एस. एन. राजम और शिक्षा क्षेत्र से पी. नारायणन को यह सम्मान दिया गया है।
पद्म भूषण: मनोरंजन जगत की लोकप्रिय गायिका अलका याग्निक और दक्षिण भारतीय मेगास्टार ममूटी को कला में उनके योगदान के लिए पद्म भूषण से नवाजा जाएगा। इसके अलावा पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और दिग्गज उद्योगपति उदय कोटक भी इस सूची का हिस्सा हैं।
पद्म श्री: खेल जगत से भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, कला क्षेत्र से अरविंद वैद्य और विज्ञान के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाले कई विशेषज्ञों को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।
समारोह और प्रभाव पद्म पुरस्कारों की यह घोषणा केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं है, बल्कि भारत की उस सांस्कृतिक और बौद्धिक विविधता का उत्सव है जो देश को वैश्विक मंच पर मजबूत बनाती है। गृह मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ये सम्मान राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले विशेष समारोहों में (संभवतः मार्च या अप्रैल माह में) राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाएंगे। इन पुरस्कारों के माध्यम से राष्ट्र ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि 'विशिष्ट सेवा' ही नागरिकता की सर्वोच्च कसौटी है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
