आग की लपटों में घिरी ₹79,000 करोड़ की रिफाइनरी ; PM मोदी करने वाले थे उद्घाटन
राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन से ठीक पहले 20 अप्रैल 2026 को भीषण आग लग गई। क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में शुरू हुई इस आग ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

राजस्थान के बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइनरी
राजस्थान के बालोतरा ज़िले स्थित पचपदरा रिफाइनरी में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रस्तावित उद्घाटन से कुछ ही घंटे पहले एक भीषण आग लग गई। यह घटना 20 अप्रैल 2026 को सामने आई, जिसने देश की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में से एक पर अचानक संकट खड़ा कर दिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आग रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में भड़की, जो कच्चे तेल के प्रसंस्करण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। आग लगते ही पूरे परिसर में काले धुएँ के घने गुबार उठने लगे, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। घटना के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया गया और मौके पर दमकल की कई गाड़ियाँ तथा राहत दल पहुंच गए।
🚨 Massive fire reported at Pachpadra Refinery, Balotra in Rajasthan, India’s first greenfield integrated complex just before PM’s scheduled Inaugration.
— Karan Vijay Sharma (@ikaransharma27) April 20, 2026
Shocking.. pic.twitter.com/mrQXbs4CjM
प्रशासन और रिफाइनरी प्रबंधन की त्वरित कार्रवाई के चलते आग पर काबू पाने के प्रयास लगातार जारी रहे। राहत की बात यह रही कि शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आग लगने के कारणों का अब तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है और संबंधित एजेंसियां इसकी जांच में जुटी हुई हैं।
पचपदरा रिफाइनरी परियोजना देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स मानी जाती है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹79,000 करोड़ से अधिक है। यह परियोजना Hindustan Petroleum Corporation Ltd. (HPCL) और राजस्थान सरकार के संयुक्त प्रयास से विकसित की गई है और इसे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ऐसे समय में, जब इस परियोजना का भव्य उद्घाटन होने वाला था, इस प्रकार की दुर्घटना ने औद्योगिक सुरक्षा और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना का उद्घाटन समारोह पर क्या प्रभाव पड़ेगा, लेकिन इतना तय है कि इस हादसे ने देश की एक प्रमुख ऊर्जा परियोजना को अचानक सुर्खियों में ला दिया है और इसकी सुरक्षा व्यवस्था पर गहन समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
