चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर विपक्ष ने मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र
कांग्रेस नेता के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि 24 विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां जताई हैं।

तस्वीर में कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिख रहे हैं।
नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को कहा कि 24 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और अन्य चुनाव संबंधी मुद्दों पर गंभीर चिंताएं जताई हैं। वेणुगोपाल ने पत्र की सामग्री साझा करते हुए कहा कि 28 जून को भेजे गए इस पत्र में विपक्ष ने SIR प्रक्रिया में कथित खामियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर आपत्ति दर्ज कराई है।
Electoral democracy in our country faces the gravest of threats from the Modi-Shah regime.
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) July 3, 2026
On 28th June, 24 Opposition Parties along with an Independent MP wrote to the Hon’ble Chief Justice of India on the flawed SIR process, the partisan role of the Election Commission of… pic.twitter.com/Jy5pXBHdpG
वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, "देश का चुनावी लोकतंत्र मोदी-शाह शासन से अब तक के सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहा है। 28 जून को 24 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने माननीय मुख्य न्यायाधीश को SIR की त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया, चुनाव आयोग की पक्षपातपूर्ण भूमिका और अन्य चुनाव संबंधी मुद्दों को लेकर पत्र लिखा था।"
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना और कार्यपालिका पर संवैधानिक नियंत्रण बनाए रखना न्यायपालिका की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की अहम भूमिका यह सुनिश्चित करने में है कि चुनाव न केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष हों, बल्कि जनता को भी उनकी निष्पक्षता पर पूरा भरोसा हो। वेणुगोपाल ने कहा कि यदि इन सिद्धांतों की रक्षा नहीं की गई तो देश के 1.4 अरब मतदाताओं के अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
वेणुगोपाल ने कहा कि पारदर्शिता के हित में यह पत्र सार्वजनिक किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता, जवाबदेही और करोड़ों नागरिकों के विश्वास को बहाल करने के लिए आवश्यक और ठोस कदम जल्द उठाएगा।
इससे पहले, इसी सप्ताह INDIA गठबंधन ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखकर चुनाव आयोग द्वारा जारी SIR प्रक्रिया और अन्य चुनावी मुद्दों पर चिंता व्यक्त की थी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने X पर बताया था कि यह पत्र 8 जून को हुई INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद के प्रतिनिधियों द्वारा हस्ताक्षरित था।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि इस संयुक्त पत्र पर आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने भी हस्ताक्षर किए हैं, जबकि ये दोनों दल अब INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।
विपक्षी नेताओं ने पत्र में स्पष्ट किया कि यह पत्र भारत के मुख्य न्यायाधीश के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट को संबोधित है और इसका उद्देश्य किसी भी लंबित न्यायिक मामले के निर्णय को प्रभावित करना नहीं है। पत्र में आरोप लगाया गया कि SIR प्रक्रिया के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का पूर्ण अभाव, प्रशासनिक अव्यवस्था और निर्धारित समयसीमा के कारण गंभीर भ्रम की स्थिति पैदा हुई। विपक्ष ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग ने प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में अपने निर्देशों में बदलाव किए, जिससे चुनाव अधिकारियों के बीच और अधिक भ्रम उत्पन्न हुआ।

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