कभी चलाते थे कानपूर में ऑटो, 2026 में भारतीय एयरलाइन्स को दी नयी पहचान ; जानें श्रवण विश्वकर्मा की प्रेरणादायक कहानी
कानपुर के एक साधारण ऑटो-टेंपो चालक से भारत की नई घरेलू एयरलाइन ‘शंख एयर’ के चेयरमैन बनने तक श्रवण कुमार विश्वकर्मा की प्रेरक यात्रा सामने आई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से NOC मिलने के बाद शंख एयर जनवरी 2026 में उड़ान शुरू करने की तैयारी में है।

शंख एयर
भारतीय विमानन क्षेत्र में एक नई उड़ान की तैयारी हो रही है—और इसकी कहानी किसी कॉर्पोरेट बोर्डरूम से नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कानपुर की सड़कों से शुरू होती है। एक समय टेंपो और ऑटो चलाकर आजीविका कमाने वाले श्रवण कुमार विश्वकर्मा अब भारत की नई घरेलू एयरलाइन ‘शंख एयर’ के संस्थापक और चेयरमैन हैं। उनकी यह यात्रा न केवल उद्यमिता की मिसाल है, बल्कि भारत में बदलते अवसरों और क्षेत्रीय विमानन के विस्तार का प्रतीक भी बनती जा रही है।
शंख एयर को भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) प्राप्त हो चुका है। यह मंजूरी किसी भी नई एयरलाइन के लिए संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य नियामकीय कदम मानी जाती है। इस स्वीकृति के साथ शंख एयर उन चुनिंदा नई एयरलाइनों में शामिल हो गई है, जिन्हें हाल ही में सरकार ने हरी झंडी दी है। नियामकीय प्रक्रियाओं और विमान तैयारियों के पूरा होने के बाद, एयरलाइन के जनवरी 2026 या 2026 की पहली तिमाही में व्यावसायिक उड़ानें शुरू करने की संभावना जताई जा रही है।
कानपुर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले 35 वर्षीय श्रवण कुमार विश्वकर्मा की कहानी साधारण पृष्ठभूमि से असाधारण मुकाम तक पहुंचने की कहानी है। शुरुआती जीवन में उन्होंने टेंपो और लोडर चलाने जैसे काम किए। धीरे-धीरे उन्होंने लॉजिस्टिक्स और निर्माण सामग्री के व्यवसाय में कदम रखा और वहां से अपनी व्यावसायिक समझ और नेटवर्क को मजबूत किया। वर्षों की मेहनत और अनुभव के बाद उन्होंने विमानन क्षेत्र में प्रवेश का साहसिक निर्णय लिया, जो आज शंख एयर के रूप में आकार ले रहा है।
एयरलाइन की शुरुआती योजना एयरबस विमानों के छोटे बेड़े के साथ संचालन शुरू करने की है। पहले चरण में लगभग तीन विमानों के साथ सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिसके बाद मांग और विस्तार रणनीति के अनुसार बेड़े में और विमान जोड़े जाएंगे। यह चरणबद्ध विस्तार मॉडल एयरलाइन को वित्तीय स्थिरता और परिचालन दक्षता बनाए रखने में मदद करेगा।
शंख एयर की प्रारंभिक उड़ानें उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों—लखनऊ और वाराणसी—को दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से जोड़ने पर केंद्रित होंगी। यह रणनीति न केवल व्यापारिक और धार्मिक यात्राओं को सुगम बनाएगी, बल्कि राज्य के भीतर और बाहर आवागमन को भी नई गति देगी। भविष्य में नेटवर्क का विस्तार अन्य क्षेत्रों तक किए जाने की योजना है।
महत्वपूर्ण रूप से, शंख एयर उड़ान (UDAN) और क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत परिचालन करेगी। इसका उद्देश्य हवाई यात्रा को अधिक सुलभ, किफायती और व्यापक बनाना है, खासकर पहली बार उड़ान भरने वाले यात्रियों और मध्यम वर्ग के लिए। यह पहल छोटे शहरों को देश के बड़े आर्थिक केंद्रों से जोड़ने में सहायक मानी जा रही है।
शंख एयर का आगमन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत का विमानन बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और प्रतिस्पर्धा नई ऊंचाइयों पर है। एक स्थानीय पृष्ठभूमि से उभरे उद्यमी द्वारा शुरू की गई यह एयरलाइन न केवल नए रोजगार अवसर पैदा कर सकती है, बल्कि क्षेत्रीय विकास और हवाई संपर्क को भी मजबूती दे सकती है। कानपुर से शुरू हुई यह उड़ान अब पूरे देश के लिए संभावनाओं का नया आकाश खोलने की तैयारी में है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
