भोपाल, मध्यप्रदेश। प्रदेश में श्रमिक कल्याण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लागू किए गए नए श्रम कानून श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल हैं। इन कानूनों के माध्यम से श्रमिकों के जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि नए श्रम कानूनों का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि श्रमिकों को वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण का मजबूत आधार देना भी है। इन प्रावधानों के तहत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, रोजगार से जुड़ी सुविधाएं और भविष्य की अनिश्चितताओं से संरक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार श्रमिकों को सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनाना चाहती है। श्रम कानूनों में किए गए सुधार न केवल श्रमिकों के अधिकारों को सुरक्षित करते हैं, बल्कि उद्योग और रोजगार क्षेत्र में संतुलन भी स्थापित करते हैं। इससे श्रमिकों को सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके कल्याण से ही समग्र विकास संभव है। नए श्रम कानून इसी सोच को साकार करते हुए श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। यह पहल न केवल वर्तमान पीढ़ी के श्रमिकों के लिए लाभकारी है, बल्कि आने वाले समय में एक सुदृढ़ और आत्मनिर्भर श्रम व्यवस्था की नींव भी रखेगी।

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