देश में शहरी स्वच्छता के क्षेत्र में एक दशक का महत्वपूर्ण सफर पूरा होने के साथ ही मंत्रालय ने 10वें स्वच्छ सर्वेक्षण का आगाज़ कर दिया है। आज केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री श्री मनोहर लाल ने भोपाल से आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से इस वर्ष के सर्वेक्षण की टूलकिट जारी की। यह सर्वेक्षण केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि शहरों में स्वच्छता प्रबंधन और सुधार की दिशा में एक मजबूत उपकरण के रूप में कार्य करता है।

स्वच्छ सर्वेक्षण (Swachh Survekshan) विश्व का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण है, जो पिछले दस वर्षों से देशभर के शहरों की स्वच्छता की स्थिति का मूल्यांकन करता रहा है। इस वर्ष का थीम रखा गया है: “स्वच्छता की नई पहल - बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ”। इस थीम के माध्यम से नागरिकों और स्थानीय निकायों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण केवल रेटिंग या सूचीबद्धता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नगरपालिकाओं और राज्य सरकारों के लिए प्रबंधन, निगरानी और सुधार के लिए प्रभावशाली मंच प्रदान करता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हर नागरिक की सहभागिता से ही शहरों को कचरा मुक्त और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

इस वर्ष के सर्वेक्षण में सभी राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों ने वर्चुअली भाग लिया। इसमें नगर आयुक्त, महापौर और अन्य सरकारी अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता के सुधार और नवाचार पर विचार साझा किए। सर्वेक्षण के जरिये नगरपालिकाओं की सफाई, कचरा प्रबंधन, जल निकासी, डिजिटल निगरानी और नागरिक सहभागिता जैसे पहलुओं का समग्र मूल्यांकन किया जाएगा।

स्वच्छ सर्वेक्षण की इस नई शुरुआत का उद्देश्य केवल आंकड़े इकट्ठा करना नहीं है, बल्कि सकारात्मक बदलाव की प्रक्रिया को तेज करना है। पिछले वर्षों के अनुभव से यह स्पष्ट हुआ है कि नियमित मूल्यांकन, पुरस्कार प्रणाली और नागरिक जागरूकता से शहरों में स्वच्छता की दिशा में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

विशेष रूप से, इस सर्वेक्षण के माध्यम से शहरों को स्वच्छता नीतियों में सुधार, कचरा प्रबंधन में नवाचार और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक वर्ष के सर्वेक्षण के निष्कर्षों को सार्वजनिक किया जाएगा और इसे नगर निगमों और राज्य सरकारों के निर्णय निर्माण में मार्गदर्शन के रूप में प्रयोग किया जाएगा।

समापन में, यह कहा जा सकता है कि स्वच्छ सर्वेक्षण की 10वीं वर्षगांठ सिर्फ एक आंकड़ों की गिनती नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय आंदोलन की पुष्टि है, जो शहरों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा है। “स्वच्छता की नई पहल - बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ” केवल एक थीम नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के लिए सक्रिय जिम्मेदारी और भागीदारी का संदेश है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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