Suvendu Adhikari first cabinet meeting Bengal : पश्चिम बंगाल की राजनीति में दशकों बाद हुए सत्ता परिवर्तन की गूंज अब प्रशासनिक गलियारों में भी साफ सुनाई देने लगी है। राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालते ही शुभेंदु अधिकारी पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में आ गए हैं। सोमवार को राज्य सचिवालय में बुलाई गई अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने ऐसे पांच बड़े और दूरगामी फैसले लिए हैं, जो न केवल बंगाल की प्रशासनिक दिशा को हमेशा के लिए बदल देंगे, बल्कि पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार की कई नीतियों को भी सिरे से पलट देंगे। अपने पांच कैबिनेट मंत्रियों के साथ हुई इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया कि सुशासन, राज्य की कड़ी सुरक्षा और केंद्र के साथ मिलकर 'डबल इंजन' सरकार के रोडमैप को जमीन पर उतारना ही इस नई सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।

कैबिनेट बैठक की शुरुआत एक सकारात्मक नोट के साथ हुई, जहां नई सरकार ने एक लोकतांत्रिक परंपरा का निर्वहन करते हुए बंगाल के करोड़ों मतदाताओं, निर्वाचन आयोग और इस विशाल व जटिल चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने वाले सभी कर्मचारियों का आधिकारिक तौर पर आभार व्यक्त किया। इसके तुरंत बाद, मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता के लिए उन पांच बड़े फैसलों का ऐलान किया, जिनका वादा उनकी पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान किया था। सबसे बड़ी और पहली घोषणा स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर थी। कैबिनेट ने सर्वसम्मति से राज्य में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'आयुष्मान भारत योजना' को तत्काल प्रभाव से लागू करने को मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के लागू होते ही अब बंगाल के लाखों गरीब और कमजोर परिवारों को भी हर साल पांच लाख रुपये तक के मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने लगेगी, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों के दौरान एक बड़ा आर्थिक संबल प्राप्त होगा।

प्रशासनिक मोर्चे पर भी नई सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। पूर्ववर्ती सरकार के उस नियम को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है जिसके तहत राज्य के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण में हिस्सा लेने से रोका जाता था। अब नियमों के तहत बंगाल कैडर के अधिकारी बेरोकटोक केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे। इसके साथ ही, कानूनी मोर्चे पर एक बड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने बंगाल में आज से ही 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) को लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार ने संविधान का सीधा उल्लंघन करते हुए इस नए और आधुनिक आपराधिक कानून को बंगाल में लागू होने से रोक रखा था और राज्य की पुलिस केवल पुराने आईपीसी और सीआरपीसी के तहत ही काम कर रही थी। नई सरकार के इस कदम से राज्य की न्याय व्यवस्था में बड़ा बदलाव आना तय माना जा रहा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को लेकर शुभेंदु सरकार का रुख सबसे आक्रामक नजर आया। कैबिनेट ने एक बेहद संवेदनशील और रणनीतिक फैसला लेते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण की रुकी हुई प्रक्रिया को तुरंत शुरू करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बंगाल के सीमावर्ती जिलों में तेजी से बदलती डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) को देखते हुए सीमा पर सख्त बाड़बंदी अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से मुख्य सचिव और राज्य के भूमि एवं भू-राजस्व विभाग को कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे अगले 45 दिनों के भीतर सीमा सुरक्षा बल (BSF) को आवश्यक भूमि सौंपने की कानूनी प्रक्रिया हर हाल में पूरी करें। वहीं, पांचवें और राजनीतिक रूप से सबसे अहम फैसले में नई सरकार ने उन 321 बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों की पूरी जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया है, जिन्होंने कथित तौर पर राज्य में राजनीतिक हिंसा के दौरान अपनी जान गंवाई थी।

इन पांच बड़े फैसलों के अलावा, जनगणना और महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी नई सरकार ने टीएमसी पर बड़ा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने जानबूझकर और राजनीतिक फायदे के लिए बंगाल में जनगणना की प्रक्रिया को अटकाए रखा, ताकि महिलाओं के लिए आरक्षण लागू न हो सके। लेकिन अब नई कैबिनेट ने राज्य में जनगणना परिपत्र को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मंजूरी दे कर यह साफ कर दिया है कि बंगाल अब विकास और राष्ट्रवाद के उस रास्ते पर चल पड़ा है, जहां राजनीतिक गतिरोध के लिए कोई जगह नहीं है। शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार की यह पहली कैबिनेट बैठक महज फैसलों का पुलिंदा नहीं है, बल्कि यह बंगाल के इतिहास में एक नए और आक्रामक 'डबल इंजन' युग का स्पष्ट शंखनाद है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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