हिमालय की हसीन वादियों में खेल, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक दायित्व के एक अभूतपूर्व और प्रेरणादायक संगम के साथ, हिमालयन एडवेंचर स्पोर्ट्स एंड टूरिज्म प्रमोशन एसोसिएशन (HASTPA) के साइकिल चालकों ने अपनी सामाजिक प्रतिबद्धताओं को पटरियों से परे ले जाकर एक नया अध्याय लिखा है। 23 अगस्त 2026 को शिमला के खूबसूरत कामयाना हिल ट्रेल पर हस्तपा साइकिल चालकों, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रकृति प्रेमियों ने एक जुट होकर 50 पौधे रोपे। इस हरित मुहीम के पीछे एक अत्यंत सहज लेकिन गहरा दर्शन निहित था कि जो लोग इन सुरम्य पर्वतों और संकीर्ण रास्तों का आनंद लेते हैं, उन्हें ही आगे आकर इनका संरक्षक और रखवाला भी बनना होगा।

पर्यावरण संरक्षण के इस ऐतिहासिक अभियान में वन विभाग और खेल जगत के दिग्गजों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस पौधरोपण कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक के. तिरुमल, शिमला के डीएफओ अनिकेत, हस्तपा के संस्थापक एवं अध्यक्ष मोहित सूद, पूर्व राष्ट्रीय साइकिलिंग चैंपियन अक्षित गौड़, राष्ट्रीय साइकिल चालक गौरव नेगी तथा हस्तपा के लगभग 15 साइकिल चालक और आउटडोर खेल प्रेमी प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए। साइकिल चालक दल पूरी ऊर्जा के साथ साइकिल चलाकर कामयाना पहाड़ियों तक पहुँचा और ट्रेल के साथ-साथ 50 पौधों का रोपण किया। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया कि साइकिल चलाने जैसी साहसिक गतिविधियाँ और बाहरी मनोरंजन किस प्रकार पर्यावरणीय जिम्मेदारी, उत्तरदायी पर्यटन और सामुदायिक भागीदारी का सशक्त माध्यम बन सकते हैं।




इस विशेष अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए हस्तपा के संस्थापक एवं अध्यक्ष मोहित सूद ने अत्यंत संजीदगी के साथ कहा, "ये पर्वत हमें हमारे मार्ग, हमारी यात्राएं और हमारी खूबसूरत यादें प्रदान करते हैं। ऐसे में हमारा यह परम कर्तव्य है कि हम इन्हें जितना सुंदर पाते हैं, उससे कहीं अधिक समृद्ध बनाकर छोड़ें। आज रोपे गए ये 50 पौधे भले ही वर्तमान में छोटे लग रहे हों, लेकिन आने वाले वर्षों में यही पौधे फल-फूलकर और वृक्ष बनकर साइकिल चालकों तथा पैदल यात्रियों की अगली पीढ़ी को ठंडी छांव और सुरक्षा प्रदान करेंगे। हम आज इन पहाड़ों पर साइकिल चला रहे हैं; इसलिए हमारा फर्ज बनता है कि हम उन लोगों के लिए पौधे लगाएं जो कल यहाँ राइड करेंगे।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हस्तपा निरंतर साइकिलिंग, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार ट्रेल विकास को एक साथ जोड़ने का कार्य जारी रखेगा ताकि हर राइडर हिमालयी पर्यावरण का सक्रिय संरक्षक बन सके।

इस हरित आयोजन में विशालकाय वृक्षों को रोपने के साथ-साथ कला और सूक्ष्म प्रकृति प्रबंधन का एक अनोखा मेल भी देखने को मिला। पौधरोपण अभियान संपन्न होने के तुरंत बाद एक विशेष बोन्साई कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों ने छोटे-छोटे बोन्साई पौधों को विकसित करने की वैज्ञानिक पद्धति और उनकी देखभाल की धैर्यपूर्ण कला को बहुत करीब से समझा। खुले आसमान के नीचे पहाड़ियों पर नए पौधे लगाने और साथ ही बोन्साई जैसी धैर्यमयी कला को समझने के इस अनूठे समन्वय ने पूरे कार्यक्रम को एक अनूठा संदेश दिया कि संरक्षण केवल दूर खड़े होकर प्रकृति की सुंदरता की सराहना करने से नहीं होता, बल्कि उसे गहराई से समझने, पोषित करने और सुरक्षित रखने से संभव होता है।

पिछले दो दशकों से अधिक समय से हिमालयी क्षेत्रों में माउंटेन बाइकिंग और साइकिलिंग को बढ़ावा दे रही संस्था हस्तपा के लिए यह कामयाना पहल एक विस्तृत और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाती है। संस्था का अंतिम लक्ष्य एक ऐसी साइकिलिंग संस्कृति का निर्माण करना है जो पूरी तरह से पर्यावरणीय रूप से जागरूक हो और उस प्राकृतिक परिदृश्य के साथ गहराई से जुड़ी हो जिससे होकर उसकी राहें गुजरती हैं।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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