नर्मदा नदी परियोजना के दशकों पुराने विवाद पर लगा पूर्ण विराम। अमित शाह की मौजूदगी में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता। महाराष्ट्र के बकाया करोड़ों के दावे हुए माफ, जानें क्या मिला राज्य को?

नर्मदा नदी परियोजना से जुड़े दशकों पुराने विवाद का समाधान हो गया है, जिससे महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच एक 'विन-विन' स्थिति पैदा हुई है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में चारों राज्यों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस महत्वपूर्ण विकास के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह समझौता चारों राज्यों के लिए फायदेमंद है और उन्होंने इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के प्रयासों की सराहना की। फडणवीस ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि नर्मदा परियोजना को लेकर चारों राज्यों के बीच कई विवाद थे, जिन्हें सामूहिक चर्चा के माध्यम से सुलझा लिया गया है।

इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ महाराष्ट्र को मिला है, जहां परियोजना से जुड़ी वित्तीय देनदारियों में भारी कमी आई है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि पहले महाराष्ट्र पर 2,000 से 3,000 करोड़ रुपये तक के दावे किए जा रहे थे, लेकिन अब इस समझौते के तहत राज्य को केवल 27 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। यह समझौता नर्मदा अवार्ड के लाभार्थियों के बीच लंबित वित्तीय मामलों के निपटारे पर केंद्रित है और अधिकारियों के अनुसार, इन भुगतान संबंधी मुद्दों को एकमुश्त समाधान के जरिए सुलझा लिया गया है।

जल बंटवारे को लेकर भी राज्य को बड़ी राहत मिली है। भौगोलिक और स्थलाकृतिक बाधाओं के कारण महाराष्ट्र को आवंटित 10 टीएमसी पानी नहीं मिल पा रहा था। इसके समाधान के लिए राज्य ने दो वैकल्पिक प्रस्ताव रखे थे, जिसमें 5 टीएमसी पानी का डायवर्जन और उकाई बांध से 5 टीएमसी पानी सुरक्षित करने की मांग शामिल थी, जिसे आज सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे सहकारी संघवाद का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए फडणवीस ने कहा कि चार राज्यों ने एकजुट होकर एक 'विन-विन' प्रस्ताव तैयार किया है।

इस ऐतिहासिक समझौते के दौरान गृह मंत्री अमित शाह, जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्र तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। गृह मंत्रालय ने इसे सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण के लिए लागत साझाकरण व्यवस्था से संबंधित लंबित विवादों को सुलझाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नर्मदा अवार्ड के तहत भुगतान के जो मुद्दे वर्षों से लंबित थे, उन्हें अब सभी हितधारकों के साथ चर्चा के माध्यम से सुलझा लिया गया है।

Pratahkal Newsroom

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