भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर और जीवंतता का प्रतीक, नागालैंड का हॉर्नबिल महोत्सव इस साल भी अपनी रंगीन छटा और अनूठी परंपराओं के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने महोत्सव की विशेषता और उसकी सांस्कृतिक महत्ता को उजागर करते हुए इसे भारत की विविध सांस्कृतिक पहचान का जीवंत उदाहरण बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हॉर्नबिल महोत्सव न केवल एक आयोजन है, बल्कि यह स्वयं उत्सव का अवतार है। उन्होंने नागालैंड की इस अनूठी सांस्कृतिक पहचान को सराहते हुए इसे “फेस्टिवल्स की भूमि” के योग्य ठहराया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया कि आज का पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत की नई, आत्मविश्वासी पहचान को दर्शाता है।



यह प्रतिक्रिया उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया द्वारा साझा किए गए एक लेख पर दी, जिसमें हॉर्नबिल महोत्सव को “मानव मनोभावों का कलेडोस्कोप और प्राचीनता एवं आधुनिकता का उत्कृष्ट संगम” बताया गया है। प्रधानमंत्री ने इस लेख को उद्धृत करते हुए कहा कि जब पूर्वोत्तर क्षेत्र प्रगति करेगा, तभी भारत की उन्नति और वैश्विक पहचान मजबूत होगी।

हॉर्नबिल महोत्सव में नागालैंड की पारंपरिक नृत्य-गान, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, लोककथाओं का प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं शामिल हैं, जो राज्य की विविध जनजातियों की जीवनशैली और सांस्कृतिक विविधता को उजागर करती हैं। आयोजन में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ देशभर और विदेशों से आए पर्यटक भी भाग लेते हैं, जिससे महोत्सव का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व और बढ़ जाता है।

प्रधानमंत्री के संदेश में यह भी स्पष्ट हुआ कि राज्य केवल महोत्सव आयोजित नहीं करता, बल्कि पूरी संस्कृति, परंपरा और उत्साह के साथ उत्सव का अनुभव देता है। इस दृष्टि से हॉर्नबिल महोत्सव न केवल नागालैंड की, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बन गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के आयोजनों से न केवल स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलता है, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय योगदान होता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सांस्कृतिक उत्सव सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच हैं।

समापन में प्रधानमंत्री मोदी की यह टिप्पणी कि “भारत तभी उभरेगा जब पूर्वोत्तर चमकेगा”, इस क्षेत्र की महत्वता और उसकी सांस्कृतिक शक्ति को रेखांकित करती है। हॉर्नबिल महोत्सव के माध्यम से भारत की विविधता और संस्कृति का संदेश पूरी दुनिया में प्रसारित होता है, और यह पुष्टि करता है कि भारत की सांस्कृतिक विरासत केवल संरक्षण की आवश्यकता नहीं रखती, बल्कि इसे गर्व और उत्साह के साथ प्रस्तुत भी किया जा सकता है।

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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