मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन ने केएसआरटीसी बस स्टैंड के पास 85 मीटर लंबी परावर्तक स्टेनलेस स्टील दीवार और एलईडी लाइट्स लगाकर सार्वजनिक पेशाब की समस्या पर रोक लगाने की अनोखी पहल की है। यह कदम क्षेत्र में व्यवहार परिवर्तन और शहर की स्वच्छ छवि सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मैसूर में सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और शहर की छवि को बेहतर बनाने की दिशा में एक अनोखी और चर्चित पहल सामने आई है। मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन (MCC) ने केएसआरटीसी उपनगरीय बस स्टैंड के पास एक लंबे हिस्से में परावर्तक स्टेनलेस स्टील की दीवारें और एलईडी लाइट्स लगाकर सार्वजनिक रूप से पेशाब करने की समस्या पर प्रभावी रोक लगाने की कोशिश की है। यह इलाका लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों के कारण बदनाम रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को असुविधा का सामना करना पड़ता था।

यह परियोजना बेंगलुरु-नीलगिरी रोड पर बस स्टैंड के ठीक सामने फुटपाथ के किनारे लगभग 85 मीटर लंबे क्षेत्र में लागू की गई है। यहां लगाए गए चमकदार स्टेनलेस स्टील पैनल दर्पण की तरह कार्य करते हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति जब दीवार के पास आता है तो उसे स्वयं का स्पष्ट प्रतिबिंब दिखाई देता है। प्रशासन का मानना है कि यह दृश्य प्रभाव एक मनोवैज्ञानिक बाधा उत्पन्न करता है, जिससे लोग सार्वजनिक स्थान पर अनुचित व्यवहार करने से हिचकिचाते हैं।



इस पहल के पीछे नगर निगम की मंशा केवल सौंदर्यीकरण नहीं बल्कि व्यवहार परिवर्तन भी है। पहले इस क्षेत्र में बार-बार चेतावनियों और सूचना बोर्डों के बावजूद सार्वजनिक पेशाब की समस्या बनी हुई थी। स्थानीय स्तर पर यह स्थान “येलो स्पॉट” के रूप में चिन्हित किया गया था, जहां तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता महसूस की गई।

इस परियोजना के तकनीकी और प्रशासनिक पक्ष पर बात करते हुए एमसीसी के इंजीनियर फैजल ए एम ने बताया कि शुरुआत में दर्पण, माइका ग्लास और एक्रिलिक शीट जैसे विकल्पों पर विचार किया गया था, लेकिन अंततः मजबूती और लागत-प्रभावशीलता को देखते हुए स्टेनलेस स्टील का चयन किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि इन फ्रेमों को सड़क किनारे मजबूती से वेल्ड किया गया है और इन्हें स्ट्रीट लाइट्स से जोड़कर एलईडी प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि रात के समय भी क्षेत्र पर निगरानी बनी रहे। साथ ही, सार्वजनिक शौचालय कर्मचारियों को इन संरचनाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी दी गई है।

मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन के आयुक्त शेख तनवीर आसिफ ने इस पहल को शहर की पर्यटन-अनुकूल छवि को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनके अनुसार प्रारंभिक रिपोर्टों में इस व्यवस्था के बाद इस क्षेत्र में सार्वजनिक पेशाब की घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार यह प्रयोग व्यवहारिक दृष्टिकोण से अपेक्षाकृत कम लागत वाला और प्रभावी समाधान साबित हो रहा है। हालांकि इस पहल को लेकर सार्वजनिक राय मिश्रित रही है। कई लोगों ने इसे एक “स्मार्ट शहरी नवाचार” करार दिया है, जबकि कुछ का मानना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान बेहतर सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण और सुविधाओं के विस्तार से ही संभव है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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