नई दिल्ली | 25 जनवरी, 2026

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में आज का दिन बेहद खास है। 25 जनवरी, 1950 को भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) की स्थापना के उपलक्ष्य में आज देश अपना 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस (NVD) मना रहा है। इस वर्ष के उत्सव का मुख्य केंद्र युवा शक्ति है, जिसे 'मेरा भारत, मेरा वोट' थीम और 'भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक' के मूल मंत्र के साथ पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

निर्वाचन सदन में मुख्य समारोह: राष्ट्रपति मुर्मू ने थामी कमान

राजधानी दिल्ली के निर्वाचन सदन में आयोजित भव्य समारोह की अध्यक्षता माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने की। समारोह में लोकतंत्र को सशक्त बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए:

  • युवाओं का सम्मान: राष्ट्रपति ने नए पंजीकृत युवा मतदाताओं को उनके 'मतदाता फोटो पहचान पत्र' (EPIC) सौंपकर उनका स्वागत किया।
  • उत्कृष्टता पुरस्कार: निर्वाचन प्रबंधन, तकनीक के बेहतर उपयोग और मतदाता जागरूकता में नवाचार करने वाले अधिकारियों और मीडिया संस्थानों को 'सर्वश्रेष्ठ चुनावी अभ्यास पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।
  • महत्वपूर्ण प्रकाशन: इस अवसर पर '2025: पहलों और नवाचारों का वर्ष' और बिहार विधानसभा चुनावों की सफलता पर आधारित विशेष पुस्तक 'चुनाव का पर्व, बिहार का गर्व' का विमोचन किया गया।

मुख्य चुनाव आयुक्त का संबोधन: 'बिहार मॉडल' और भविष्य की राह

मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयोग की हालिया उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 2025 में हजारों अधिकारियों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिया गया और बिहार चुनावों में 100% वेबकास्टिंग जैसे कड़े सुरक्षा मानकों ने पारदर्शिता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

  • युवाओं के लिए विशेष अभियान: देश के कोने-कोने में 'माई भारत, माई वोट' अभियान के तहत युवाओं को जोड़ने के लिए अनोखी पहल की गई है:
  • पैदल यात्राएं और साइकिल रैली: देशभर के जिलों में युवाओं ने साइकिल रैलियों और पदयात्राओं के जरिए नैतिक मतदान का संदेश दिया।
  • कैंपस एंबेसडर: कॉलेजों में छात्र प्रतिनिधियों ने 'स्वच्छ और निष्पक्ष मतदान' की शपथ दिलाई।
  • डिजिटल सक्रियता: सोशल मीडिया पर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए विशेष हैशटैग अभियान चलाए जा रहे हैं।

सशक्त मतदाता, समर्थ लोकतंत्र

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का यह 16वां संस्करण केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि भारत का लोकतंत्र अब और अधिक युवा, जागरूक और तकनीक-सक्षम हो चुका है। युवाओं का मतदान के प्रति यह उत्साह यह सुनिश्चित करता है कि देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। आज ली गई 'मतदाता शपथ' केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव को और मजबूत करने का सामूहिक संकल्प है।

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