asaddudin owaisi speech loksabha 2025 : संसद का शीतकालीन सत्र बुधवार को गतिशील बना, जब एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव सुधारों और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व पर अपनी बात रखी। लोकसभा में हुए इस भाषण में उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मुस्लिम-बहुल वायनाड से गैर-मुस्लिम चुना जा सकता है, तो रायबरेली, अमेठी और इटावा जैसे निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं हो सकता। ओवैसी ने बी.आर. अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए राजनीतिक शक्ति को सामाजिक प्रगति की कुंजी बताया और भारत में अल्पसंख्यकों के उचित प्रतिनिधित्व पर जोर दिया।

सांसद ने चुनाव आयोग पर संसद के बनाए नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि चुनावी रोल के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के माध्यम से 35 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सार्वजनिक किए बिना काट दिए गए। ओवैसी ने इसे ‘बैकडोर NRC’ बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया धार्मिक आधार पर मताधिकार को प्रभावित करने वाली और संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन है।

भाषण के दौरान ओवैसी ने देश में जर्मनी जैसी संसदीय व्यवस्था अपनाने की भी मांग की और सुझाव दिया कि वोट का अधिकार मूल अधिकार के रूप में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मुसलमानों के वंदे मातरम न गाने के पीछे धार्मिक कारणों को भी स्पष्ट किया। उनका कहना था कि इस्लाम में अल्लाह के अलावा कोई खुदा नहीं है, और वतन के प्रति उनकी वफादारी अलग ढंग से प्रदर्शित होती है।

ओवैसी का यह भाषण न केवल अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व पर प्रकाश डालता है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया, लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर सवाल भी उठाता है। उनका जोर संसद और चुनाव आयोग के कर्तव्यों के संतुलन, अल्पसंख्यक अधिकारों और लोकतांत्रिक समावेशन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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