देश की आर्थिक नीतियों और आंकड़ों की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने आगामी 23 दिसंबर, 2025 को भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में दूसरा प्री-रिलीज़ कंसल्टेटिव वर्कशॉप आयोजित करने की घोषणा की है। यह वर्कशॉप विशेष रूप से जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) की आधार संख्या (base) में हो रहे बदलावों पर केंद्रित होगी।

इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य इन महत्वपूर्ण आर्थिक सूचकांकों में प्रस्तावित पद्धतिगत और संरचनात्मक परिवर्तनों को साझा करना और विशेषज्ञों एवं उपयोगकर्ताओं से प्रतिक्रियाएँ प्राप्त करना है। इससे न केवल आंकड़ों की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि नीति निर्धारकों और शोधकर्ताओं के लिए भी इन परिवर्तनों को समझना सरल होगा।

MoSPI ने इस वर्कशॉप में प्रतिभागियों के रूप में अर्थशास्त्रियों, वित्तीय संस्थानों और बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों, संबंधित विषयों के विशेषज्ञों, कोर सांख्यिकी के उपयोगकर्ताओं और केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया है। इस विविधतापूर्ण प्रतिभागी समूह से आशा है कि चर्चा में गहराई आएगी और सभी पक्षों को संशोधित श्रृंखला की नई विधियों और संरचनाओं से परिचित कराया जा सकेगा।

वर्कशॉप की पहली कड़ी 26 नवंबर, 2025 को मुंबई में आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर से विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। वहीं दूसरी कड़ी नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है, जो पिछली वार्ता की सफलताओं और सुझावों के आधार पर और व्यापक स्तर पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगी।

आधार संशोधन प्रक्रिया में किए जा रहे परिवर्तन न केवल राष्ट्रीय स्तर पर आंकड़ों की गुणवत्ता को प्रभावित करेंगे, बल्कि राज्य और क्षेत्रीय नीति निर्धारण, वित्तीय योजना निर्माण और आर्थिक विश्लेषण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं की प्रतिक्रिया से इन परिवर्तनों को और परिष्कृत किया जा सकेगा।

MoSPI का यह कदम देश में पारदर्शिता, डेटा-संचालित निर्णय और विश्वसनीय सांख्यिकी को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। इसके माध्यम से आर्थिक आंकड़ों की प्रस्तुति और विश्लेषण की प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद की जा रही है, जो नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और जनता दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी।

इस वर्कशॉप के परिणामस्वरूप प्रस्तावित बदलावों पर व्यापक और संतुलित दृष्टिकोण विकसित होगा, जो देश के आर्थिक आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा। यह पहल भारतीय आर्थिक आंकड़ों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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