Lucknow mey Rashtr Prerna Sthal ka udghatan : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को भारतीय राष्ट्रवाद के विचारों को समर्पित एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बसंत कुंज योजना में निर्मित भव्य ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने परिसर में स्थापित राष्ट्रनायकों की विशाल प्रतिमाओं का अवलोकन करते हुए उन्हें श्रद्धा के साथ नमन किया। उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी संख्या में एकत्र जनसमूह का अभिवादन किया। इसके पश्चात ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन के साथ वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया। प्रधानमंत्री ने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और भाजपा व जनसंघ गलियारे का अवलोकन किया, जहां भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक की वैचारिक और राजनीतिक यात्रा को चित्रों और प्रदर्शनों के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है।

प्रधानमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी गैलरी का भी भ्रमण किया, जिसमें उनके जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति योगदान को चित्रों और प्रतीक चिह्नों के जरिए दर्शाया गया है। लखनऊ में निर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल भारतीय राष्ट्रवाद की त्रयी—डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी—के विचारों और अमूल्य योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त प्रयास है, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा।

वसंत कुंज स्थित इस राष्ट्र प्रेरणा स्थल को कमल की आकृति में विकसित किया गया है। परिसर में राष्ट्रवाद के शिखर पुरुषों डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीन दयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इन प्रतिमाओं का निर्माण विश्वविख्यात मूर्तिकार राम सुतार और मंटू राम आर्ट क्रिएशंस द्वारा किया गया है। अत्याधुनिक फेसेड लाइटिंग और प्रोजेक्शन मैपिंग के माध्यम से इन प्रतिमाओं को आकर्षक और प्रभावशाली स्वरूप प्रदान किया गया है।

परिसर में राष्ट्र नायकों को समर्पित एक संग्रहालय का भी निर्माण किया गया है, जिसकी इंटरप्रिटेशन वॉल पर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़ी म्यूरल आर्ट के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की यात्रा को दर्शाया गया है। संग्रहालय के प्रांगण में राष्ट्रीय भावना की प्रतीक भारत माता की प्रतिमा स्थापित की गई है, जबकि विभिन्न गैलरियां राष्ट्र नायकों के जीवन, विचारधारा और संघर्षों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं।

राष्ट्र प्रेरणा स्थल में आधुनिक सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। परिसर में सिंथेटिक ट्रैक, मेडिटेशन सेंटर, विपश्यना केंद्र, योग केंद्र, हेलीपैड और कैफेटेरिया विकसित किए गए हैं। इसके साथ ही यहां 3,000 दर्शकों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर और लगभग दो लाख लोगों की क्षमता वाला विशाल रैली स्थल भी निर्मित किया गया है। यह स्थल न केवल ऐतिहासिक स्मृति और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बनेगा, बल्कि देश की भावी पीढ़ियों में राष्ट्रभक्ति, एकता और राष्ट्रीय चेतना के भाव को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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